सैंपल लिए बिना आवाज की कैसे हो गई जांच : जोगी
भास्कर न्यूज | बिलासपुर/रायपुर
पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने आज नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के बयान को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि किसी भी आवाज की जांच के लिए सैंपल लेना जरूरी होता है। टेप में जिन 6 संदिग्ध लोगों की आवाज बताई जा रही है, उनमें से किसी से आवाज का सैंपल नहीं लिया गया है। अंतागढ़ टेपकांड के फोरेंसिक रिपोर्ट पर संगठन और जोगी खेमे के अलग-अलग दावे हैं। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले सिंहदेव ने दावा किया था कि टेप में जो आवाज है उसकी जांच करा ली गई है और ये उन्हीं की आवाज है, जिनके नाम लिए जा रहे हैं।
मरवाही सदन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष पहले कानून, संविधान और परंपरा का अध्ययन कर लें, इसके बाद ही ऐसे बयान दें। उन्होंने बैंगलुरू की किसी लैब की जांच रिपोर्ट की बात कही है तो यह जांच किसने कराई। न तो राज्य की पुलिस, न ही सरकार ने इसे जांच के लिए भेजा है। अगर जांच हुई है तो उसमें टेम्परिंग, एडिटिंग, जोड़-तोड़ हुई होगी, क्योंकि वाइस के तो सैंपल किसी से नहीं लिए गए। टेप का आडियो खंडित है, इसे कई तरह से जोड़कर बनाया गया है। जोगी ने कहा कि जिसका वाइस सैंपल लिया जाना है, उसे बाध्य भी नहीं किया जा सकता। यह कानून में है। अगर वह नहीं चाहेगा तो कोई वाइस सैंपल नहीं ले सकता।
दिग्विजय दो दिन रहेंगे रायपुर प्रवास पर
अंतागढ़ टेपकांड को लेकर दिल्ली से रायपुर तक मचे हड़कंप के बीच एआईसीसी महासचिव दिग्विजय सिंह 13 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर रायपुर आ रहे हैं। इससे प्रदेश की राजनीतिक फिजां के और गरमाने के आसार हैं। हालांकि, वे यहां एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आ रहे हैं।
अमित का निष्कासन अंतिम फैसला नहीं
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मरवाही में अमित जोगी के स्वागत में 20 हजार कांग्रेसी थे। क्या इतने कांग्रेसियों को निष्कासित किया जा सकता है? वैसे भी जब किसी मामले की अपील हो जाती है तो मामले को विचाराधीन माना जाता है।
एक दूसरे पर निशाना
संगठन और जोगी खेमा एक दूसरे पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं चूक रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने प्रदेश नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में परिस्थितियां कांग्रेस के अनुकूल हैं। प्रदेश नेतृत्व चाहे तो इसका पूरा फायदा उठा सकता है। प्रदेश सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए ढेर सारे मुद्दे हैं। इसके लिए प्राथमिकता तय करनी होगी। प्रदेशभर के किसान राज्य सरकार से नाराज हैं। वे स्वयं सड़क पर उतर कर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन कांग्रेस नेतृत्व इसे भुना नहीं पा रहा है। भगवान कांग्रेस को इससे अच्छा अवसर प्रदान नहीं कर सकता। वहीं, बिलासपुर संभाग के दौरे पर भारी भीड़ उमड़ने के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश की जनता में भाजपा सरकार से नाराजगी है। इसके खिलाफ जनता स्वस्फूर्त सरकार के खिलाफ सड़कों पर आ चुकी है।
उन्होंने टेपकांड को लेकर कहा कि भूपेश बघेल ने टेपकांड के उजागर होने को प्रजातंत्र के लिए फायदेमंद बताया है। उन्होंने कहा कि छोटे राज्य में 5-10 सीटों पर अंतागढ़ जैसा होने लगे तो जनमत के खिलाफ सरकार बनने लगेगी।