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क्रिस्टल हाउस में मदद के लिए कंपनियों को चिट्ठी

5 वर्ष पहले
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नया रायपुर के सेक्टर-25 में बीपीएल बच्चों के लिए बनाए जा रहे आलीशान स्कूल यानी क्रिस्टल हाउस को लेकर नया रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) सख्त हो हो गया है। एजेंसी ने नया रायपुर में काम कर रही सभी कंपनियों को सख्त रिमाइंडर भेजा है कि वे सीएसआर (कार्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) के तहत इस स्कूल के निर्माण में जल्दी सहयोग करें। एजेंसी ने ऐसा नहीं करनेवाली कंपनियों पर सख्ती की तैयारी भी शुरू कर दी है।

गौरतलब है, गरीब बच्चों के लिए बन रहे इस स्कूल भवन का निर्माण सीएसआर (कार्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) के तहत होना है। इसमें पैसे की कमी की खबर दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके बाद एनआरडीए ने नया रायपुर क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों को रिमाइंडर भेजा है कि वे सीएसआर के जरिए स्कूल बनाने में मदद करें। क्रिस्टल हाउस बनाने के लिए अभी तक लगभग तीन करोड़ की राशि ही सीएसआर के माध्यम से मिल सका है। इस वजह से स्कूल निर्माण में बजट की कमी आड़े आ रही है। चूंकि इस स्कूल को इसी वर्ष जुलाई से शुरू करने का लक्ष्य एनआरडीए ने तय किया है।





, ऐसे में पैसे की कमी से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।

42 गांव के बच्चे पढ़ेंगे
नई राजधानी क्षेत्र के प्रभावित 42 गांवों के उन बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने के लिए क्रिस्टल हाउस बनना शुरू हुआ है, जो आर्थिक तौर पर सक्षम नहीं हैं या बीपीएल श्रेणी के हैं। ऐसे बच्चों को यहां निशुल्क शिक्षा दी जाएगी। अनुबंध के अनुसार एनआरडीए को केवल स्कूल भवन व कैंपस विकसित करने देना है। अमेरिका का यह एनजीओ निशुल्क तौर पर इस स्कूल का संचालन करेगा।



बच्चों की पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी क्रिस्टल हाउस प्रबंधन का होगा। बच्चों के पोशाक से लेकर खाने-रहने का इंतजाम भी स्कूल प्रबंधन ही करेगा। नया रायपुर के सेक्टर-25 में लगभग डेढ़ एकड़ में क्रिस्टल हाउस बनना है। इसे शैक्षणिक सत्र-2016 से ही शुरू किया जाना था, लेकिन पैसों की कमी की वजह से यह मामला ही अटक गया है।

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