केंद्र ने पूछा, 18 महीने में पूरी हो जाएगी तैयारी
छत्तीसगढ़ पर 37वें राष्ट्रीय खेल की मेजबानी में देरी पर तगड़ा जुर्माना लग सकता है। केंद्र सरकार ने राज्य शासन को पत्र लिखकर जवाब मांगा है कि वे 18 महीने के भीतर नेशनल गेम्स को कराने के लिए पूरे इंतजाम कर पाएंगे या नहीं। पत्र के बाद राज्य शासन भी हरकत में आ गया है। उसने केंद्र से 900 करोड़ के मदद भी मांगी है। राज्य में 2018 में नेशनल गेम्स होने हैं।
मिली जानकारी के अनुसार शासन के कुछ बड़े आला अधिकारी नेशनल गेम्स नहीं कराना चाहते हैं। यही वजह है कि राजधानी सहित अन्य शहरों में छोटे स्टेडियम सहित अन्य खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का काम धीमी गति से चल रहा है। राज्य के बजट में भी महज 40 से 45 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। सूत्रों के मुताबिक बजट में अधिक राशि का प्रावधान नहीं किए जाने पर खेल मंत्री भैयालाल रजवाड़े ने इस संबंध में सीधे मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह से बात की थी तब उन्होंने कहा कि नेशनल गेम्स के लिए राशि केंद्र से ही मांगी जाए। गेम्स पर 1 हजार करोड़ की राशि खर्च होनी है।
अधूरा है स्पोर्ट्स कारीडोर
नेशनल गेम्स में 34 खेलों के मुकाबले होंगे। कई मुकाबले राजधानी में सुभाष स्टेडियम से लेकर इंडोर स्टेडियम तक बन रहे स्पोर्ट्स कारीडोर में हाेंगे। सुभाष स्टेडियम का निर्माण 18 महीने पहले पहले नए सिरे से शुरू हुआ। मगर निर्माण अब तक अधूरा है। इंडोर स्टेडियम में सितंबर 2017 में एशियाई वालीबाल चैंपियनशिप होनी है। इसके लिए लोक निर्माण और खेल विभाग की तरफ से हाल ही में 19 करोड़ का बजट बनाया गया है। सप्रेशाला और आउटडोर स्टेडियम का हाल भी खराब है। खेल मंत्री भैयालाल रजवाड़े ने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री से बात हो चुकी है। उम्मीद है कि केंद्र से मदद मिल जाएगी। हम समय पर नेशनल गेम्स का आयोजन करेंगे।