श्रवण यदु
मरीज- फीवर आ रहा है?
डॉ. वैष्णव- कब से आ रहा है...
आज सुबह से फीवर है?
कोई दवा ली है...
नहीं कोई दवाई नहीं ली?
हाथ-पैर में दर्द भी हो रहा है क्या...
हां, सर... बहुत परेशान हूं?
ठीक हो जाएगा, दवा दे रहा हूं। (आईबूप्रोफेन देने के बाद बोले ) अभी खाना खाने के बाद आैर कल तीन बार दवा खा लेना।
ठीक है सर लेकिन ये दवाइयां तो सरकारी लग रही हैं?
अरे, तेरे को खाने से मतलब है न।
श्रवण यदु रायपुर
डीबी स्टार टीम को शिकायत मिली कि टिकरापारा स्थित आरोग्य भारती हॉस्पिटल में मरीजों को सरकारी सप्लाई दवाइयां बेची जा रही है। इसकी पड़ताल के लिए टीम क्लीनिक पहुंची। देखा दो कमरे में क्लीनिक संचालित हो रहा है। यहां टिकरापारा, संतोषी नगर, सिद्धार्थ चौक, पुलिस लाइन समेत अासपास के मरीज इलाज के लिए आते हैं। मरीजों से फीस लेने के बाद उन्हें सीजीएमएससी द्वारा सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की जाने वाली दवाइयां दी जा रही थी। पड़ताल में यह भी सामने आया कि क्लीनिक संचालित करने वाले डॉ. गणेश दास वैष्णव माना सिविल अस्पताल में चिकित्सा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। खुलासे के लिए टीम ने दो मरीजों को रिकॉर्डर देकर डॉक्टर के पास भेजा। इलाज के बाद मरीजों को सरकारी दवा दी गई। दवा पर नॉट फॉर सेल लिखे होने के साथ सरकारी सील भी लगी थी। स्टिंग के बाद डॉ. वैष्णव से सीधी बात की गई तो कहने लगे, एनपीए नहीं मिलता इसलिए क्लीनिक चला रहे हैं। अब आगे से मरीजों को दवा नहीं देंगे। स्वास्थ्य संचालक और सीएमएचओ जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रहे हैं। शेष पेज 2
आईबूप्रोफेन टेबलेट जिस पर सीजी गावर्नमेंट सप्लाई और नॉट फॉर सेल लिखा हुआ है।
अब मरीजों को दवा नहीं दूंगा
 क्लीनिक के पास टीकाकरण केंद्र है, वहां सरकारी दवाइयां सप्लाई होती है, उसे ही मरीजों को देता हूं। मुझे एनपीए नहीं मिल रहा है इसलिए क्लीनिक में आने वाले मरीजों से इलाज के पैसे ले रहा हूं। अब मरीजों को दवा नहीं दूंगा।  डॉ. गणेशदास वैष्णव, चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल, माना
शिकायत मिली है
 इस तरह की शिकायत लगातार मिल रही थी। इस मामले की जांच करवाता हूं। इसके बाद सीजीएमएससी की सप्लाई दवाइयां बेचने वाले डॉक्टर पर कार्रवाई करूंगा।  डॉ. केआर सोनवानी, मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रायपुर
स्टिंग
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आरोग्य भारती हॉस्पिटल, टिकरापारा
मेडिकल ऑफिसर प्राइवेट क्लीनिक में बेच रहे सरकारी सप्लाई की दवा
DB Star sting