एक 86 की उम्र में हर काम करते हैं पैदल, दूसरे 77 साल के साइकिलिस्ट
सिटी रिपोर्टर शहर के दो बुजुर्ग युवाओं के लिए मिसाल हैं। एक हैं 86 साल के हनुमान दास भटट्ड़, जो अपने सामान्य कामों के लिए रोजाना पैदल चलते हैं, तब तक कि जब तक गाड़ी की जरूरत न हो। इसी तरह दूसरे हैं 77 साल के घनश्याम दास तापड़िया। वे साइकिलिंग से अपने कामों को पूरा करते हैं। उम्र के इस पड़ाव पर अपनी हॉबी से इन्होंने प्रदूषण के खिलाफ जो मैसेज दिया है, उसमें युवाओं जैसा ही जोश है। इनका ये जोश देख सिटी के दूसरे लोगों को भी मोटिवेट करने मेयर प्रमोद दुबे ने इन्हें एन्वायरमेंट हीरो अवॉर्ड से नवाजा। इस मौके पर युवा चेंबर के नीलेश मुंदड़ा और लाेकेश जैन मौजूद रहे।
आलसी बनाती है गाड़ी इसलिए पैदल चलता हूं
प्रियदर्शनी नगर में रहने वाले संपन्न कारोबारी हनुमान दास भट्टड़ 86 साल के हो चुके हैं। कारोबार के साथ खास हॉबी की वजह से भट्टड़ जी इलाके में विशेष पहचान रखते हैं। ये खास हॉबी कुछ कलेक्शन करना या एडवेंचरस करना नहीं। बल्कि सामान्य-सी आदत पैदल चलना है। सभी सुविधाओं को वहन करने में सक्षम हनुमान दास अपने रोजमर्रा के काम पैदल ही निपटाते हैं। वे कहते हैं इस तरह से हर रोज मैं 5 किलोमीटर पैदल चलता हूं। गाड़ी हमें सुविधा तो देती है मगर आलसी भी बनाती है। छोटे-छोटे काम के लिए हम डिपेंड हो जाते हैं। कहते हैं, हमारे समय में स्कूल में एन्वायरमेंट कोई अलग सब्जेक्ट तो नहीं था। मगर तब भी हमारी उम्र वालों को अंदाजा है कि गाड़ियां एन्वायरमेंट को कितना नुकसान पहुंचा रही हैं। आज तो सिलेबस में ये बातें हैं मगर पता नहीं क्यों यूथ समझने को तैयार नहीं।
जोड़ों का दर्द भी नहीं रोक सका साइकिलिंग@77
विवेकानंद नगर निवासी घनश्याम दास तापड़िया 77 साल के हैं। इस उम्र में आकर आमतौर पर लोग रोजमर्रा के काम को लेकर परेशान रहते हैं। मगर घनश्याम दास आज भी रोजाना 5 किलोमीटर साइकिल राइड करते हैं। अच्छी सेहत के लिए उनका यह नियम पिछले 14 साल से बरकरार है। कुछ साल पहले उन्हें जोड़ों के दर्द ने काफी परेशान किया, लगा कि साइकिलिंग का क्रम छोड़ना पड़ेगा। मगर उनकी जिद और रेगुलर हॉबी की वजह से दर्द भी हार मान गया। घनश्याम दासजी कहते हैं दवाओं ने नहीं जोड़ों का दर्द साइकिलिंग ने ही ठीक किया। ईश्वर से यही मनाता हूं कि जब तक सांस रहे मेरी साइकिलिंग भी जीवित रहे।
रायपुर में इन दिनों प्रदूषण के खिलाफ महापौर ने अभियान चला रखा है। वे महीने में एक दिन साइकिल चलाने की अपील लोगों से कर रहे हैं। दोनों बुजुर्गों को महापौर अपने अभियान के रोल मॉडल के तौर पर मानते हैं।
घनश्याम दास तापड़िया और हनुमान दास भट्टड़(बीच मंे) को सम्मानित करते मेयर प्रमोद दुबे।
for healthy breath
सिटी के हनुमान दास भट्टड़ और घनश्याम दास तापड़िया को पर्यावरण संरक्षण के लिए मेयर ने किया सम्मानित