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लक्ष्मी कुमार

5 वर्ष पहले
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लक्ष्मी कुमार

तीन साल पहले जब हीरापुर की प्रेरणा ब्लाइंड स्कूल की बच्चियों से मिलने पहुंचीं तो लगा कि ये बच्चियां अपनी एंटरटेनमेंट के लिए क्या करती हैं। फ्री टाइम में सिर्फ गा-बजा लेती हैं। लेकिन क्या इन्हें गेम खेलने की इच्छा नहीं होती। बैठे-बैठे तो ये गेम खेल सकती हैं, लेकिन ये तभी खेल पाएंगी जब इन्हें पता हो कि क्या खेलना है। बस, तभी सोचा कि जो बच्चे देख नहीं सकते उनके लिए, उनकी ही भाषा ब्रेल लिपि में गेम बुक बनाना चाहिए।

पॉकेट ब्रेल गेम बुक में 38 गेम
ब्रेल गेम बुक इन्वेंट करने वाली एमआर कॉलोनी निवासी शुभांगी आप्टे ने प्रेरणा स्कूल की बच्चियों के लिए कुछ करने की प्रेरणा से 20 पेज की पॉकेट ब्रेल गेम बुक बनाई है, जिसमें 38 गेम हैं। 2014 में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में शुभांगी आप्टे के नाम रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। वे पहली महिला हैं, जिन्होंने पॉकेट गेम बुक, ब्रेल लिपि में तैयार की है। 2016 के आखिरी महीने तक ब्रेल पॉकेट गेम बुक की दूसरी सीरिज भी लांच करने जा रही हैं। ब्रेल लिपि में बनी इस पॉकेट गेम बुक को पढ़कर कोई भी ब्लाइंड पर्सन गेम खेल सकता है। अब तक शुभांगी 1000 से भी ज्यादा गेम बुक निशुल्क बांट चुकी हैं। पहली बार ब्रेल लिपि में कोई गेम बुक लोगों के बीच आई है, इसलिए लोग इसे खूब पसंद भी कर रहे हैं। रायपुर के साथ ही उन्होंनें मुंबई, बेंगलुरु, विशाखापट्नम, दिल्ली, पटना, दुर्ग, बिलासपुर, नागपुर, खैरागढ़, केरल सहित 40 से भी ज्यादा शहरों के अंधत्व संस्थान में गेम बुक बांटी है।

for happiness

वे नहीं देख सकते, हमें तो उनके चेहरे की मुस्कान दिखती है
शुभांगी का कहना है कि बहुत से लोग हैं जो देख नहीं सकते, लेकिन हम जो देख सकते हैं उन्हें उनके चेहरे पर मुस्कान नजर आती है। जब ये लोग गेम खेलते हैं और मुस्कुराते हैं तो लगता है कि मैंने कुछ अच्छा काम किया है। शुरुआत में मैंने पांच से छह गेम बुक बनाई। फिर एक्सपर्ट की मदद से ब्लाइंड पर्सन के लिए ऐसे गेम सलेक्ट किये, जो आसानी से खेले जा सके। इसका प्रिंट नागपुर में कराया गया, जिसमें हिंदी लिपि बड़ी ही आसानी से ब्रेल लिपि में कन्वर्ट हो जाती है।

ताकि ब्लाइंड बच्चों का हो एंटरटेनमेंट
शहर की शुभांगी आप्टे ने स्पेशल बच्चों के लिए बनाई ब्रेल गेम बुक
सिटी एंकर
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