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  • अफसर जता चुके विरोध लेकिन रमन के बयान से एसीबी को एक तरह से फ्री हैंड

एसीबी छापों पर सारे विराेध दरकिनार कर सीएम बोले- जारी रहेगी कार्रवाई

5 वर्ष पहले
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रायपुर. एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के अफसरों पर छापों के तमाम विरोध को दरकिनार करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने साफ कह दिया है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। एसीबी ही नहीं बल्कि आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) भी इस तरह की कार्रवाई करता रहेगा। कार्रवाई नहीं करने का प्रश्न ही पैदा नहीं होता।
मुख्यमंत्री का यह बयान अफसरों पर एसीबी छापों के विरोध में हाल में मोर्चा खोलनेवाले नेताओं और अफसरों के लिए सीधा संदेश माना जा रहा है। इसे एक प्रकार से एसीबी को मुख्यमंत्री के फ्री हैंड देने के संदेश के रूप में भी लिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डा. सिंह ने दिल्ली से रायपुर लौटते ही गुरुवार को छापों के बारे में अपनी सोच स्पष्ट कर दी है। वे तीन दिनों तक दिल्ली में थे, तब यहां पर एसीबी की कार्रवाई को लेकर घमासान मचा रहा।
आईएफएस एसोसिएशन के साथ वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा एसीबी की कार्रवाई का विरोध हुआ तो एसीबी ने इस मामले में अफसरों के घर से मिली संपत्ति का ब्यौरा जारी कर दिया।
एक प्रकार से अफसरों के विरोध की हवा निकालने के लिए एसीबी ने संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक की थी। इतना ही नहीं एसीबी के एडीजी मुकेश गुप्ता ने आगे भी कार्रवाई इसी रफ्तार से जारी रखने का ऐलान कर दिया।
मुख्यमंत्री जैसे ही रायपुर लौटे, उनका बयान आया- भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सोच में कोई बदलाव नहीं आया है। जीरो टालरेंस की सोच के तहत ही सारा काम हो रहा है
अफसरों की लामबंदी प्रभावित :
मुख्यमंत्री के बयान के बाद उन अफसरों की गोलबंदी प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है जो इस तरह की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। दरअसल आईएफएस एसोसिएशन के पहले आईएएस एसोसिएशन ने भी इसका विरोध किया था। दूसरे अफसरों की भी मंशा रह-रहकर सामने आ रही थी।
इधर, कांग्रेस का हमला
मंत्री बंगले पर भ्रष्ट अफसरों का जमावड़ा : बघेल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने गुरुवार को कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत में वन मंत्री महेश गागड़ा सहित आईएएस व आईएफएस अफसरों की आपत्ति पर कटाक्ष किया।
उन्होंने कहा कि महेश गागड़ा मंत्री होने के बावजूद अवैध कटाई को प्रोत्साहन दे रहे हैं। उनके बंगले में भ्रष्ट अफसरों और अन्य लोगों का जमावड़ा देखा जा सकता है। प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद चरम पर है।
अफसरों की जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के खिलाफ जिस प्रकार की कार्रवाई चल रही है, उसके विरोध में 16 फरवरी को बस्तर में कांग्रेस पार्टी व्यापक प्रदर्शन करेगी। दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने सीएम को पत्र लिखकर पार्टी के नेताओं के उत्पीड़न पर आपत्ति की है।
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