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हॉस्पिटल की छत पर तैयार रूफ टॉप हेलिपैड, अब सीधे हॉस्पिटल पहुंचेंगे मरीज

5 वर्ष पहले
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रांची. राजधानी में शहर के एक हॉस्पिटल की छत पर तैयार रूफ टॉप हेलिपैड से अब राज्य के किसी भी कोने से अति गंभीर मरीजों को हेलिकाॅप्टर से सीधे हॉस्पिटल पहुंचाकर तत्काल अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे खास तौर पर किसी दुर्घटना या फिर नक्सली घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति व जवानों को तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाकर उनकी जान बचाई जा सकेगी।
झारखंड-बिहार में ऐसा पहला हॉस्पिटल...
शहर के मेन रोड स्थित राज हॉस्पिटल के नवनिर्मित भवन की छत पर हेलिकॉप्टर से लाए जाने वाले मरीजों के लिए 32 मीटर की ऊंचाई पर रूफ टॉप हेलिपैड बनकर तैयार है। रूफ टॉप हेलिपैड की सुविधा वाला यह झारखंड और बिहार का पहला हॉस्पिटल होगा।
हॉस्पिटल के रूफ टॉप हेलिपैड का उपयोग शुरू होने से मरीज की जान बचाने के लिए गोल्डन ऑवर का खास तौर पर उपयोग हो सकेगा। उदाहरण के तौर पर अगर नक्सली घटना में घायल किसी जवान को हेलिकॉप्टर से लाया जा रहा है, तो उसे राजधानी के किसी बड़े हॉस्पिटल तक पहुंचाने में जितना समय लगेगा, उससे आधे समय में ही इस हॉस्पिटल में पहुंचाया जा सकेगा।
राज्य के किसी भी इलाके से रांची एयरपोर्ट तक हेलिकाप्टर पहुंचने के बाद वहां से एबुलेंस में चढ़ाने और हॉस्पिटल में पहुंचाने में एक घंटा लग जाता है। अगर हॉस्पिटल की छत पर हेलिकाप्टर उतरेगा तो मरीज को पांच मिनट के भीतर ही जरूरी चिकित्सा मिल सकेगी। हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अनिल कुमार शुक्ला का दावा है कि उनके यहां वर्ल्ड क्लास मानक वाला ऑपरेशन थियेटर है।
प्रबंधन ने सारी तैयारियां पूरी कर है। जल्द ही हॉस्पिटल की छत पर हेलिकॉप्टर उतारने की टेस्टिंग होगी। इसके बाद इस सुविधा को शुरू करने के लिए संबंधित प्राधिकार से अनुमति ली जाएगी।
नगर निगम से पास हुआ है रूप टॉप हेलिपैड का नक्शा
राज हॉस्पिटल में रूफ टॉप हेलिपैड का नक्शा रांची नगर निगम ने पहले ही पास किया था। जो अब जाकर वह बनकर तैयार हुआ है। इस तरह की फैसिलिटी पड़ोसी राज्यों में सिर्फ कोलकाता के एक हॉस्पिटल में है। हॉस्पिटल का नया भवन बन गया है। लेकिन हेलिपैड के मामले में अभी राष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकार से अनुमति ली जानी बाकी है।
फायर वाटर के साथ स्पेशल लिफ्ट भी है
हेलिपैड बनने के बाद हॉस्पिटल में इसके लिए एक स्पेशल लिफ्ट भी लगाई गई है। लिफ्ट के साइड में मशीन लगी है। जबकि सामान्य लिफ्ट में ऊपर में मशीन लगी रहती है। इससे छत ऊंची हो जाती है। हॉस्पिटल के हेलिपैड के साथ बगल में फायर वाटर का भी इंतजाम है। ऊपर में ही इसके लिए टैंक बना है। हेलिपैड में कोई खामी न रहे, इसके लिए निर्माण के क्रम में रांची एयरपोर्ट से भी विशेषज्ञों को बुलाकर लगातार सलाह ली गई।
टेस्टिंग की अनुमति शीघ्र
मरीजों को जल्द आवश्यक चिकित्सा देने के लिए हेलिपैड बनाया गया है। जल्द ही लैंडिंग टेस्टिंग के लिए अनुमति लेंगे। राज हॉस्पिटल को अत्याधुनिक बनाया गया है। ओटी और क्रिटिकल केयर यूनिट को बेहतर संसाधनों से युक्त किया गया है।
-योगेश गंभीर, प्रबंधक
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