रायपुर. महाराष्ट्र की संस्था श्रीरेणुका माता को-ऑपरेटिव अर्बन क्रेडिट सोसायटी की रायपुर ब्रांच से आयकर विभाग ने छापे के बाद ऐसे 28 खाते अलग कर लिए हैं, जिनमें मिनटों में करोड़ों रुपए का लेनदेन हुआ है। माना जा रहा है कि पिछले एक साल में यह लेनदेन सैकड़ों करोड़ रुपए का है।
पूरी रकम के हवाला कारोबार से जुड़ी रहने के अंदेशे से आयकर विभाग ने इन खातों के मालिकों का पता लगाना शुरू कर दिया है। इन खातों से जिन अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए गए, उनकी सूची बन गई है।
उन्हीं फर्मों से जानकारी ली जाएगी कि रकम किसने ट्रांसफर की थी? उधर, रिद्धी-सिद्धी ज्वेलर्स में इसी मामले में हुए सर्वे ने सराफा बाजार में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। आयकर अफसरों को आशंका है कि पहचाने गए 28 खातों में से कुछ का ताल्लुक सराफा कारोबारियों से भी हो सकता है।
सोसायटी के सभी खातों की जांच में आयकर विभाग ने इनवेस्टिगेशन विंग को लगाया है। खातेदारों के नाम और पते सही नहीं हैं, इसलिए जांच में ज्यादा समय लगने की आशंका है। लेकिन विभाग का कहना है कि इस जांच से बड़े हवाला कनेक्शन सामने आ जाएंगे।
पता चला है कि इन 28 खातों में हुआ कुल लेनदेन 10 हजार करोड़ रुपए तक भी हो सकता है। इसी वजह से हवाला कारोबार और मिनटों में करोड़ों के ट्रांजेक्शन हुए खातों से संबंधित सारी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
राजधानी में हवाला से करोड़ों ट्रांसफर करने की शिकायतें मिलीं थीं। इसी आधार पर इस सोसायटी में सर्वे हुआ था, जिसे एक दिन बाद ही छापे में तब्दील कर दिया गया था।
महानगरों में हुआ लेनदेन :
जांच में एक बात और सामने आई है कि रायपुर के 28 तथा और इंदौर की 50 शाखाओं से रकम अहमदनगर, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और इंदौर में ट्रांसफर की गई। इन्वेस्टिगेशन टीम ने लेनदेन के इस पैटर्न को भी जांच के दायरे में रखा है।
मंगलवार की शाम सदर बाजार स्थित रिद्धी-सिद्धी ज्वेलर्स में सर्वे किया गया था। वहां जांच-पड़ताल दो दिन चली तथा गुरुवार को संबंधित लोगों के बयान लिए गए। इस मामले की रिपोर्ट बनाई जा रही है।
इन बिंदुओं पर जांच
-सोसायटी की रायपुर और इंदौर की शाखाओं में कुल 78 खाते किनके हैं?
-इनमें कब-कब पैसे जमा किए गए और किन खातों में रकम ट्रांसफर हुई?
-इस लेनदेन में सोसायटी का कितना कमीशन, क्या सोसायटी ने सोर्स पूछा?