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जिन बीएड कॉलेजों में पीएचडी, नेट पास फैकल्टी नहीं, उनकी मान्यता खतरे में

4 वर्ष पहले
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रायपुर. राज्य के जिन बीएड कॉलेजों में फैकल्टी पीएचडी या नेट पास नहीं वहां के लिए इस सत्र से मुश्किल बढ़ सकती है। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) के आदेश से कॉलेज की मान्यता पर खतरा मंडराने लगा है। इसके तहत बीएड कॉलेज के शिक्षकों के लिए नेट या पीएचडी पास होना जरूरी है। 
 
राज्य में 143 बीएड के कॉलेज व संस्थान है। इनमें से आधे कॉलेजों में नेट व पीएचडी वाले शिक्षक नहीं है। एनसीटीई ने अपने निर्देशों का कड़ाई से पालन किया तो आधे कॉलेज बंद हो जाएंगे। शिक्षाविदों ने बताया कि एनसीटीई का यह निर्देश दो साल पहले भी आया था। लेकिन कॉलेज संचालकों ने नियमों के तहत फैकल्टी की व्यवस्था करने के लिए समय लिया था। इसके लिए शपथ पत्र भी दिया था। लेकिन इस बार एनसीटीई से सख्ती बरतने की तैयारी है। 
वह शिक्षकों के मामले में कोई रियायत नहीं देने के मूड में हैं। नियमों के तहत जिन कॉलेजों में सौ सीटें हैं, वहां प्रिंसिपल सहित कम से कम 16 शिक्षक होने चाहिए। इस मामले में भी कई कॉलेज पीछे हैं।
 
इसके अलावा पहले सिर्फ प्रिंसिपल के पीएचडी होने से काम चल जाता था। लेकिन इस बार सभी के लिए यह अनिवार्य किया गया है। वहीं नेट से उन पीएचडी वालों को छूट दी गई है, जिनकी पीएचडी 2009 के रेगुलेशन के अनुसार है। ऐसे में अब कॉलेजों के सामने शिक्षकों को लेकर समस्या खड़ी हो जाएगी। 
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