सुर और ताल का अनोखा मिलन...
रायपुर. सुर और ताल यानी गीत और नृत्य के संगम ने सभी को एंटरटेन किया। मौका था संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित पर्यटन दिवस समारोह का। विभाग के सफर मुक्ताकाश मंच में आयोजित इस कार्यक्रम में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गीतों और नृत्य शृंखला की प्रस्तुति दी। मुंबई से आए अयोध्या निनावत ने कबीर गायन प्रस्तुत किया। अपने गीतों में अयोध्या ने कबीर के दोहे की माला बुरा जो देखन मैं चला..., पोथी पढ़-पढ़ जग मुआ... सुरों में पिरो कर पेश की। इसके बाद शहर की ही भरतनाट्यम कलाकार यशस्वी पांडे ने शिव वंदना से भरतनाट्यम की शुरुआत की। कुछ ही देर बाद ममता चंद्राकर और उनके साथी कलाकारों ने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी लोक कला का रंग घोला।