पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • गजल और सम्मान से सजी शाम

गजल और सम्मान से सजी शाम

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
येगजल की सच्ची किताब है, इसे चुपके-चुपके पढ़ा करो। गजल की इन पक्तियों से हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मौका था रोटरी क्लब ऑफ रायपुर के चार्टड-डे समारोह का। इस अवसर पर आयोजित शामे गजल में पद्मश्री भारती बंधु और उनकी पुत्री जहानवी बंधु ने अपनी गजलों से श्रोताओं को रोमांचित किया। शहर के एक होटल में क्लब का 59वां स्थापना दिवस रंगारंग कार्यक्रम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर रोटरी क्लब के पूर्व मंडलाध्यक्ष गोविन्द लाल वोरा, सुभाष साहू को सम्मानित किया गया। जहानवी भारती की गजल दिल पर कोई जोर चलता नहीं मुस्कुराने लगे मगर रो पड़े को श्रोताओं ने काफी सराहा। पद्मश्री भारती बंधु की गजल बेवफा से भी प्यार होता है, यार आखिर तो यार होता है..., वो जमाना भी क्या जमाना था, आपको यूं मुस्कुराना था... को श्रोताओं ने बहुत पसंद किया। विशिष्ट अतिथि लेखिका मालती जोशी रहीं। इस मौके पर एमपी आनंद, मालविका जोशी, प्रदुमन चावला, सुरेन्द्र सुराना, एचआर द्विवेदी, एनडी देवव्रत सहित क्लब के सभी सदस्य मौजूद रहे।

rotary club