सजे मैदान में थिरकने लगे गरबा प्रेमी
हर्ष,उल्लास, उमंग और उपवास का त्योहार शारदीय नवरात्रि के साथ ही शहर में गुरुवार से गरबा का माहौल शुरू हो गया। गरबा के पहले दिन ही ढोल की थाप पर थिरकने और मां शारदा की आराधना करने पहुंचे लोगों में काफी उत्साह नजर आया। दर्जनभर से भी ज्यादा जगहों पर गरबा का आयोजन किया जा रहा हैं। इसमें कई जगहों पर फैमिली एंट्रीज मिल रही है। कुछ जगहों पर कोई भी गरबा खेल सकता है। वहीं, कुछ जगहों पर
एक खास समुदाय के लोग गरबा खेल सकते हैं। हां, यहां पास लेकर आए लोग गरबा देख सकते हैं। शहर में गरबा को लेकर युवक-युवतियों सहित बच्चों में खासा उत्साह है। अधिकतर गरबा आयोजन स्थलों पर महिलाएं युवतियों की संख्या अधिक होती है, लेकिन इस बार गरबा खेलने वालों में महिला-पुरुष दोनों की संख्या बराबर नजर रही है। खास बात यह है कि इस नवरात्र में हर कोई गरबा खेलकर अपनी खुशी जाहिर करने के मूड में है।
टोलीमें खेला गरबा
गरबाखेलने वाले अपनी-अपनी टोली में नजर आएं। खास तौर पर यूथ चार से लेकर दस की संख्या में अपने ग्रुप में गरबा का मजा लेते दिखे। इनके पहनावे भी एक जैसे ही थे। गरबा में घुन के बदलते ही लोगों ने अपना स्टेप भी बदला। वहीं, गर्ल्स ग्रुप भी मस्ती के साथ गरबा के रंग में रमी नजर आईं। गर्ल्स जहां लेटेस्ट डिजाइन की घाघरा-चोली में गरबा खेलती नजर आईं। वहीं, डिजाइनर केडिया में पुरुष दिखे, जिन्होंने कमर में दुपट्टा और सिर पर पगड़ी पहनकर एक जैसा स्टेप में गरबा खेला।
सलेक्टेडपीस नहीं रहा
पुरानीबस्ती एरिया में लगभग 10 दुकानें हैं, जहां किराये पर चनिया-चोली, ज्वेलरी और केडिया मिलती है। दुकानदारों का कहना है कि नवरात्रि के एक दिन पहले ही गरबा के परिधान किराये पर चले गए। लोगों में गरबा को लेकर इतना क्रेज है कि लोग एक साथ नौ-नौ दिन के लिए बुकिंग कराकर ड्रेसेस ले गए हैं। अब जो बचे हुए परिधान हैं, वो लोगों को कम ही पसंद रहे हैं। दुकानदार अंकित अग्रवाल का कहना है कि इस बार केडिया और घाघरा-चोली में कई नई डिजाइनें आई हैं। नई डिजाइनों का किराया अधिक है और पुराने डिजाइनों का किराया कम। लोग टीवी सीरियल और फिल्मी स्टाइल के घाघरा-चोली की डिमांड ज्यादा कर रहे हैं।
बैरन बाजार स्थित आशीर्वाद भवन में श्री लोहाणा महाजन समाज द्वारा गरबा आयोजन किया जा रहा है। यहां एंट्री फ्री है। फैमिली एंट्री होने के कारण एक ही रिंग मे