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जनरेटर रूम और ट्रैफिक से अभी भी प्रभावित हो रही है जांच रिपोर्ट

7 वर्ष पहले
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डीबीस्टार टीम ने पड़ताल में पाया कि अंबेडकर अस्पताल में बिना योजना और जांच के ही कोई भी काम शुरू करवा दिया जाता है। रेडियोलॉजी विभाग में 12 करोड़ रुपए की लागत से थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन खरीदी गई। सालभर तक इससे जांच करते रहे। 8 सितंबर को एक महिला मरीज के परिजन लोहे का स्ट्रेचर लेकर अंदर गए तो मशीन में लगी मैग्नेट ने खींच लिया। इससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और इलाज के लिए दिल्ली एम्स भेजा गया। इसके बाद से अस्पताल परिसर से लोहे की ग्रिल हटाने की कवायद शुरू की गई। तर्क दिया जा रहा है कि इससे एमआरआई जांच रिपोर्ट प्रभावित हो रही है। जबकि रेडियाेलॉजी विभाग में ही लोहे की कुर्सियां समेत अन्य साजो सामान पड़ा हुआ है।

विभाग के बाहर ही गाड़ियों की पार्किंग हो रही है। दीवार से लगा जनरेटर रूम है। इसे लेकर विभागाध्यक्ष डॉ. विष्णुदत्त से बात की गई। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले दिल्ली से एक टीम जांच के लिए आई थी। इसमें बताया गया कि 20 मीटर तक लोहे का कोई सामान नहीं होना चाहिए। इस दायरे में गाड़ियां भी नहीं खड़ी करनी है। लोहे का असर एमआरआई मशीन में लगे मैग्नेट पर होता है। इससे टेस्ट में कई बार मरीजों की बीमारी का पता नहीं चल पा रहा है। इस वजह से पीडब्ल्यूडी को सड़क किनारे लगी ग्रिल हटाने के लिए लिखा गया है। एक हिस्से में इसे निकाल भी दिया गया है। जबकि इन्हें सालभर पहले ही 20 लाख रुपए की लागत से लगाया गया था। जब विभागध्यक्ष से पूछा गया कि मशीन लगाने से पहले जांच नहीं करवाई गई थी तो बोले, उस समय क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है। हादसे के बाद जांच की गई। उधर पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता कह रहे हैं कि उन्हें ग्रिल हटाने के लिए पत्र मिला है और इसे हटाने को लेकर काम चल रहा है।

पार्किंग

मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) मशीन का उपयोग शरीर की आंतरिक जांच के लिए किया जाता है। न्यूक्लीयर मैग्नेटिक रेजोनेंस प्रॉपर्टी के कारण यह शरीर के अंदर अणु के केंद्र की तस्वीर लेने में सक्षम है। रेडियोलॉजिस्ट विशेष रूप से ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड संबंधी जटिल समस्याओं की जांच इसके माध्यम से करते हैं।

जटिल समस्याओं की जांच के िलए एमआरआई

रेडियोलॉजी विभाग की दीवार से लगकर ही जनरेटर रूम है। एमआरआई मशीन से बमुश्किल 10 मीटर की दूरी पर बड़े-बड़े जनरेटर लगे हैं।

मरही माता चौक की तरफ का ट्रैफिक लगभग 15 म