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अर्जुन की बोली और शकुनि की चाल सबको आई रास
गांधारीने कहा कि मेरे पति देख नहीं सकते तो मैं भी नहीं देखूंगी और उन्होंने आंखों पर पट्टी बांध ली। भीम ने द्रौपदी का बदला लेने गदा उठा ली और पितामह ने ली अखंड प्रतिज्ञा। महाभारत से निकल कर ये सारे एक्टर्स स्टेज पर गए। मौका था भगवान अग्रसेन जयंती महोत्सव का। आगामी अग्रसेन जयंती के तहत शहर के अलग-अलग इलाकों में कई तरह के एंटरटेनिंग इवेंट्स होने शुरू हो चुके हैं। इसी कड़ी में महाभारत के पात्र बनो कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया। कोई कृष्ण बना तो किसी ने अभिमन्यु का रोल प्ले किया। कोई अर्जुन बन धर्म की रक्षा की बातें कर रहा था तो किसी ने शकुनि बनकर अपने चलने के स्टाइल से सबको खूब हंसाया। अग्रवाल सभा के अंतर्गत सदर बाजार और समता कालोनी मोहल्ला समितियों ने कई गेम्स और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। फूल चौक स्थित होटल और समता कॉलोनी स्थित भीमसेन भवन में पूरे दिन ये आयोजन जारी रहे। 14 सितंबर को इन कार्यक्रमों का समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। 25 को अग्रसेन जयंती पर शहर में शोभा यात्रा भी निकाली जाएगी।
मस्त यू मी का फंडा और अंताक्षरी
सभी इवेंट्स का मकसद पारिवारिक संबंधों को मजबूत करना रहा। यू मी का फंडा के तहत भाई बहन के बीच की बॉन्डिंग को आंका गया। भाई से बहन के बारे में और बहन से भाई के बारे सवाल पूछे गए। इसके अलावा अंताक्षरी में नई और पुरानी पीढ़ियों के बीच म्यूजिकल जंग हुई। दूसरे इवेंट्स में वाद विवाद, जोड़ी कमाल, बिंदायक बनों, सब खेलो सब जीतो, फैमिली ट्री भी आयोिजत किया गया।
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