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जो 25 साल से झांकने नहीं आए वो कॉलेज मांग रहे

7 वर्ष पहले
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देवेंद्रनगर कॉलेज के सरकारीकरण को लेकर सिंधी समाज के लोग और कॉलेज के प्रोफेसर लगातार एक-दूसरे पर कई तरह के आरोप लगा रहे हैं। सिंधी समाज जहां शासकीयकरण का विरोध कर रहा है वहीं कॉलेज के प्रोफेसर इस फैसले के पक्ष में हैं।

देवेंद्र नगर प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष डॉ. बीडी थदलानी और सचिव डॉ. प्रकाश ठाकुर के नेतृत्व में प्रोफेसरों ने रविवार को उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पांडे से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि कॉलेज का संचालन करने का दावा करने वाली सिंध सेवा समिति के सदस्य या अध्यक्ष 25 साल में कॉलेज झांकने तक नहीं आए। सरकार अब कॉलेज की छात्राओं के पक्ष में फैसला कर रही है तो कीमती संपत्ति के लालच में फैसले का विरोध किया जा रहा है। सरकार के इस फैसले के पक्ष में केवल पूरे प्रोफेसर हैं बल्कि कॉलेज की सभी छात्राएं भी हैं। ऐसे में सिंधी समाज को उदारता दिखाते हुए सरकार के इस फैसले का समर्थन करना चाहिए। उन्हें कॉलेज चलाना ही है तो सरकारीकरण के बाद कॉलेज में जनभागीदारी समिति का गठन कर लें और कॉलेज में ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं बढ़ाने के प्रयास करने चाहिए। प्राध्यापक संघ का दावा है कि उनके इस फैसले के साथ दूसरे कॉलेजों के संघ भी साथ हैं। इधर दूसरी ओर प्रोफेसरों के इस फैसले का साथ देने पर कॉलेज मामलों की समिति के संयोजक भारामल नत्थानी ने कहा कि कॉलेज समाज की संपत्ति का अधिग्रहण करता है तो इससे समाज में अच्छा संदेश नहीं जाएगा। इस फैसले के बाद कोई भी समाज किसी भी शैक्षणिक संस्थान को चलाने के लिए आगे नहीं आएगा।



महाविद्यालय के संचालन का काम प्राध्यापकों और प्राचार्य ने कूटनीति का सहारा लेकर अपने हाथों में लिया है।