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गानों में बढ़ी है अश्लीलता दोषी हम ही हैं : रविंद्र जैन

7 वर्ष पहले
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रमन रायपुर तुझे प्रणाम, ऊर्जा पार्क में जो जाए, बिन मांगे ही ऊर्जा पाए... गीत से देश के जाने-माने म्यूजिक कंपोजर रविंद्र जैन ने सुगम संगीत की अनोखी छटा बिखेरी। मौका था जेसीआई नोबल द्वारा आयोजित कार्यक्रम डोनेट आईज का। लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करने के मकसद से रविवार को शहीद स्मारक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में रविंद्र जैन ने रायपुर की खूबसूरती गीत के जरिये बयां की। भजन और फिल्मी गीतों के अलावा उन्होंने गजलो भी सुनाई। कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए ऐसे परिवारों को भी सम्मानित किया गया, जिनके लोगों ने नेत्र दान किए। चांपा, बिलासपुर, रायगढ़ वगैरह से ऐसे करीब 30 परिवार यहां आए। किसी के नेत्रदान की बदौलत दुनिया की रंगीनियों को देख पाने में कामयाब हुए लोगों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में अनुराग तैलंग, दीपक श्रीवास्तव, अमित अग्रवाल, सुशील माथुर मौजूद रहे।

शहीद स्मारक में प्रस्तुति देते रविंद्र जैन और उनको सुनते दर्शकगण।

मैंने हर तरह के संगीत का दौर देखा है। वक्त के साथ लोग बदलते हैं मैं नहीं बदलूंगा। अपनी शर्तों पर अब तक काम किया है और करता रहूंगा। ये कहना है आज भी इंडियन स्टाइल का ही म्यूजिक कंपोज करने वाले रविंद्र जैन का। रविवार दोपहर उन्होंने मोतीबाग स्थित प्रेस क्लब में पत्रकारों से बात-चीत भी की। उन्होंने कहा कि हर 5 से 10 साल में संगीत बदलता है। मैंने नए पुराने, दोनों दौर को देखा है यानी दोनों ही पीढ़ियों का संगीतकार हूं। अब गानों में अश्लीलता बढ़ी है। लोग कहते हैं जनता यही सुनना चाहती है। कुछ कहते हैं निर्माता ऐसी मांग करते हैं। मुझसे कभी किसी ने ऐसी मांग नहीं की, यदि करेगा तो विरोध करना मेरे हाथ मे है। ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने आज को क्या दे रहे हैं। आज जो भी स्थिति बनी है समाज की उसके जिम्मेदार हम ही हैं, क्योंकि हम समाज को वो संस्कार नहीं दे सके जो देने चाहिए थे।

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