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प्रधान आरक्षक नहीं काट सकते हैं चालान

7 वर्ष पहले
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आंखोंदेखी - दोपुलिस वाले बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों को रोककर पूछताछ कर रहे थे। गाड़ी के दस्तावेज रहने पर 200 रुपए जुर्माना लेने के बाद गाड़ी छोड़ी जाती। इसके एवज में पंचनामा की रसीद दी जाती। उस पर पैसे का भी जिक्र नहीं था। इस दौरान टीम ने देखा कि विरेंद्र सोनी नामक एक बाइक सवार को रोका गया। प्रधान आरक्षक चंदूलाल सिन्हा के हाथ में रसीद बुक थी। उन्होंने बाइक सवार से बात की और कहा कि 100 रुपए देकर गाड़ी ऐसे ही ले जाओ। विरेंद्र और प्रधान आरक्षक के बीच हुई बातचीत के रिकॉर्डेड अंश...

^ रसीद में पैसे का जिक्र नहीं

मैंटाटीबंध से तात्यापारा जा रहा था, सरस्वती नगर थाने के पास दो पुलिसवालों ने गाड़ी रोकी। हेलमेट नहीं पहनने पर कार्रवाई के नाम पर पहले 100 रुपए मांगे। जब रसीद मांगी तो कहने लगे कि अब 200 रुपए देना होगा। रसीद 200 रुपए में बनाकर देते हैं। इसके बाद 200 रुपए लेकर जो रसीद दी, उसमें पैसे का जिक्र नहीं था। विरेंद्रसोनी, इन्हेंपंचनामा की रसीद देकर जुर्माना लिया गया

विरेंद्र सोनी- क्यों रोक रहे हैं सर?

चंदूलालसिन्हा- चालानी कार्रवाई चल रही है, हेलमेट कहां है...

पासमें जाना था इसलिए हेलमेट नहीं रखा?

कहींभी जाओ हेलमेट लेकर जाओ।

गलतीहो गई अब साथ लेकर जाऊंगा?

गलतीहुई है तो फाइन दीजिए और चले जाइए।

छोड़िएसर, दोबारा गलती नहीं होगी?

छोिड़एनहीं, गलती है तो 200 रुपए फाइन बनता है। बगैर रसीद 100 रुपए देकर जाइए।

फाइनदूंगा तो रसीद देनी होगी?

अच्छातो अब गाड़ी जब्त कर रहा हूं, कोर्ट से छुड़वाना।

कोर्टमें लफड़ा होगा सर?

बहसकिए हो, दो सौ रुपए देना होगा।

जीई रोड, सरस्वती नगर थाने के सामने

स्टिंग -3

रसीद पर धारा का जिक्र

पंचनामा रसीद गाड़ी या उसके दस्तावेज जब्त करने के बाद वाहन चालक को दिए जाते हैं। चालक इसके आधार पर ट्रैफिक थाने या कोर्ट से दस्तावेज और निर्धारित जुर्माना देकर गाड़ी वापस ले सकता है। पंचनामा रसीद पर जुर्माना राशि का उल्लेख नहीं रहता। इसमें सिर्फ धारा का जिक्र रहता है। धारा के अनुसार ही फाइन लेकर गाड़ी छोड़ी जाती है। पंचनामा रसीद में वाहन चालक का नाम-पता रहता है।