रंगीला होगा गरबा, तैयारी शुरू
कुछही दिनों में शहर में गरबा की धूम शुरू हो जाएगी। भव्य आयोजन के लिए गरबा कराने वाली समितियां जोर शोर से जुटी हुई हैं। कहीं सिर्फ गुजराती भजनों पर लोग गरबा करेंगे तो कहीं रिमिक्स गीतों पर थिरकेंगे। कहीं सिर्फ फैमिलीज को एंट्री मिलेगी तो कहीं सिर्फ ट्रेडिशनल ड्रेस में आने वालों को। चौकड़ी, छकड़ी के अलावा इस बार अरबाचीन जैसे नए स्टेप भी नजर आएंगे। अपनी बेस्ट प्रस्तुति देने के लिए लोग गरबा क्लास भी ज्वाइन करने लगे हैं, जहां उन्हें नए गरबा स्टेप और टेक्निक के बारे में बताया जा रहा है।
वेस्टर्न म्यूजिक पर लोगों को ताली और चुटकी के साथ पार्टनर के साथ गरबा खेलना सिखाया जा रहा है। कोरियोग्राफर रितिका जैन के अनुसार कपल एंट्री इस साल ज्यादा दिख रही है। पार्टनर को बदलते हुए गरबे के सर्कल में आगे बढ़ने का स्टेप इस बार छाया रहेगा। ऐसा गरबा गुजरात में खासतौर पर खेला जाता है। गरबा की एसेसरीज का बाजार भी सज चुका है। चनिया, चोली से लेकर कुर्ता पैजामा तक डिमांड में है।
garba special
बीटीआई ग्राउंड में होने वाले गरबा में कई समाज और संगठन मिलकर गरबा करवाते हैं। बालीवुड सॉन्ग और रिमिक्स म्यूजिक पर लोग गरबा करते हैं। पास के द्वारा एंट्री दी जाती है। यहां एक बार में 1000 लोग गरबा खेल सकते हैं। 25 सितंबर से 3 अक्टूबर तक यहां गरबा खेला जाएगा। गरबा करने के लिए पारंपरिक परिधान पहनना अनिवार्य है।
गुजराती ब्रह्म समाज, फोकटपारा
पिछले 50 सालों से गुजराती ब्रह्म समाज गरबा का आयोजन करा रहा है। पहले गणेशराम नगर, फिर सत्ती बाजार और अब अपने समाज के भवन में यानी फोकटपारा स्थित ब्रह्म समाज भवन में। यहां गरबा पूरे नौ दिन होता है। हर दिन 300 लोग गरबा करते हैं। 20 हजार स्कवेयर फीट में गरबा ग्राउंड तैयार किया जाता है। गरबा खेलने चनिया चोली और कुर्ता पैजामा पहनना पड़ता है।
कच्छी दशा ओसवाल जैन समाज, फाफाडीह
ये गरबा सिर्फ कच्छी दशा ओसवाल जेन समाज के लिए ही है। इसमें लगभग 500 लोगों को एंट्री दी जाती है। फाफाडीह स्थित कुंथुनाथ जैन मंदिर प्रांगण में रात 9 से 11 बजे तक गरबा खेला जाता है। गरबा खेलने के लिए जो म्यूजिक लगाया जाता है, वो पारंपरिक गुजराती भाषा के गीत होते हैं। यहां महिलाएं, युवक, युवती तथा पुरुषों के लिए अलग-अलग सर्कल बनाया जाता है।
कोरियोग्राफर्स का कहना है कि इस बार अरबाचीन गरबा का