कबाड़ से तैयार कर लिया फ्रिज
टूटा-फूटाबेकार सामान और अक्ल का सही इस्तेमाल करते हुए एक स्टूडेंट ने फ्रिज बना डाला। ऐसे ही कई यूनीक आइडियाज के साथ स्टूडेंट्स पहुंचे अपना हुनर दिखाने। मौका था 14वीं राज्य स्तरीय गणितीय, विज्ञान, पर्यावरण और 42 वीं जवाहर लाल नेहरु राष्ट्रीय जोन स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का। शंकर नगर स्थित बीआईटी कैंपस में आयोजित इस प्रतियोगिता में क्विज, विज्ञान नाटिका और विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। जेएन पांडे स्कूल के अभय सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर ऐसा फ्रिज बनाया है, जिसे चलाने के लिए बिजली, बैटरी या किसी ईंधन की जरूरत नहीं है। हवा और पानी से ही ये अंदर रखी चीजों को ठंडा रखता ृहै। गरियाबंद, बलौदाबाजार, महासमुंद और रायपुर के बच्चों के करीब 96 मॉडल यहां प्रदर्शित किए गए। सभी मॉडल्स मैथ, पर्यावरण, सूचना एवं तकनीक और अपशिष्ट पदार्थों का सही इस्तेमाल करने की थीम पर बनाए गए।
ऐसेकाम करता है फ्रिज
फ्रिजका चौकोर ढांचा लकड़ी से बना है। अभय ने बताया कि घर के पास के मंदिर से एक एल्यूमीनियम की जाली और नारियल के छिलके। जाली के अंदर नारियल के छिलकों को चारों ओर लगा दिया। फ्रिज के उपर एक पानी का कटोरा रखा, इसमें एक कपड़े का टुकड़ा डूबोकर जाली में लगाया। इस कपड़े से पानी धीरे-धीरे नारियल के छिलकों को गीला करता रहता है। हवा गीले छिलकों के बीच से होती हुई फ्रिज के अंदर पहुंचती है जो कि बेहद ठंडी होती है। इस तरह से इसमें रखी चीजें कम तापमान में ताजी रहती हैं।
घर के गैस सिलेंडर से गैस लीक होते ही एक अलार्म आपको आगाह कर देगा। एक अलार्म की मदद से मरीज की ग्लूकोज की बोतल खत्म होते ही डॉक्टर को एक किलोमीटर दूर से पता चल जाएगा। सुनकर ये सब कुछ बड़ा ही हाइटेक लगता है। पिथौरा गांव के दो स्कूली बच्चों ने इन्हें बनाया है। गीतेश सिंह के बनाए मॉडल में ग्लूकोज की बोतल को एक वेट एनालाइजर से लटकाया गया है। बोतल का वेट कम होने पर वो हल्की होकर उपर जाएगी और तार से बोतल के टकराते ही वॉयरलेस अलार्म बज उठेगा। ममता तिवारी का मॉडल गैस सिलेंडर के उपर लगा है जो गैस के लीक होते ही जोर से बजता है।
science exhibition
शंकर नगर स्थित बीआईटी कैंपस में आयोजित इस प्रतियोगिता में साइंस मॉडल्स के बारे में लोगों को जानकारी देते प्रतिभागी।