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बच्चों ने खनकती आवाज में बयां किए अपने जज्बात
दिलमें तुझे बिठाकर कर लूंगी मैं बंद आंखें पूजा करूंगी तेरी... इस गीत की मीठी तान सबके दिलों तक उतरी। वसुंधरा ने इस गाने पर नायाब सोलो परफॉर्मेंस दी। मौका था नेशनल एसोसिएशन फॉर ब्लाइंड (एनबीए) और संस्कृति विभाग की तरफ से आयोजित कार्यक्रम प्रेरणा प्रज्ञाचक्षु संगीत उत्सव का। इस कार्यक्रम की खास बात ये रही कि शहर के साथ ही बाहर से आए स्पेशल कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। ये ऐसे कलाकार थे, जो दुनिया आंखों से नहीं, बल्कि सुर और संगीत से देखते हैं। महसूस करते हैं। प्रो जेएन पांडे स्कूल में आयोजित इस उत्सव में ज्यादातर प्रेरणा हॉस्टल और मठपुरैना स्कूल के स्टूडेंट्स ने प्रस्तुतियां दीं। बतौर अतिथि पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति सच्चिदानंद जोशी मौजूद रहे। एनबीए के अध्यक्ष डॉ. राकेश कामरान, हरजीत जुनेजा और प्रेरणा हॉस्टल के विनोद टंडन भी यहां मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाल कलाकारों को प्रोत्साहित करने के मकसद से कुछ राशि भी दी गई।
इन्होंनेकिया सबको हैरान
संगीतउत्सव में गायन के अलावा वादन भी खास रहा। कुदरत की रंगीनियों को देख पाने में अक्षम इन कलाकारों की दोनों ही तरह की प्रस्तुतियों ने सबको हैरान कर दिया। माहौल में प्रेम का रंग अर्पणा सचदेव ने इक राधा इक मीरा दोनों ने श्याम को चाहा... सॉन्ग गाकर बिखेरी। नैनों में बदरा छाए... गीत के साथ सुमन दीवान ने सुरों में अपनी पकड़ को साबित कर दिखाया। इसके बाद खिलेश्वरी मानिकपुरी ने तोला मैं जानेव दाई पथरा..., रुपवर्षा ने मेरे अंगना आए रे..., तेजल ने जाऊं तोरे कमल चरण पर वारी... गाने गाए। कुछ देर बाद फोंगूराम साहू ने तबला वादन के जरिए माहौल में अलग सी रवानगी फैलाई। नवीन गेही का सितार वादन सबने खूब एंजॉय किया। आखिर में चरितार्थ सारंगी का वायलिन वादन भी कमाल का रहा।
cultural event
जेएन पांडे स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में संगीत की प्रस्तुति देते बच्चे।