पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • दुकानों में डस्टबिन व्यापारियों को नामंजूर, विरोध में उतर गया चेंबर

दुकानों में डस्टबिन व्यापारियों को नामंजूर, विरोध में उतर गया चेंबर

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
डस्टबिनरखने वालों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। चेंबर भवन में सोमवार को छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स की कार्यकारिणी की बैठक में कारोबारियों ने कहा कि शहर में सफाई का जिम्मा किवार के पास था। किवार ने सफाई नहीं की और कारोबारियों को अचानक ही डस्टबीन रखने नोटिस जारी कर दिया।

बैठक में कहा गया कि किवार को शहर के साथ-साथ बाजार में डस्टबिन बांटना था। कंपनी ने डस्टबिन नहीं बांटा। उल्टे निगम ने एकाएक ही जुर्माना वसूलना शुरू कर दिया। निगम को व्यापारियों की बैठक लेकर उन्हें डस्टबीन रखने के लिए कुछ समय देना चाहिए। उसके बाद ही कार्रवाई होनी चाहिए। बैठक में तय किया गया कि निगम अफसरों से मिलकर तुरंत कार्रवाई रोकने का आग्रह किया जाएगा। उसके बाद भी कार्रवाई नहीं रोकी गई तो मुख्यमंत्री और शासन के जिम्मेदारों से शिकायत की जाएगी। बैठक में डूमरतराई में चेंबर भवन के लिए जगह को लेकर भी लंबी चर्चा हुई। डूमरतराई में भले ही अभी थोक बाजार की अभी शिफ्टिंग नहीं हुई है, लेकिन छत्तीसगढ़ चेंबर ने वहां चेंबर भवन के लिए 20 हजार वर्गफीट जमीन मांग ली है। चेंबर अध्यक्ष अमर पारवानी ने कारोबारियों को बताया कि राज्य सरकार से नए चेंबर भवन के लिए जमीन मांगी गई है। इस मांग पर मंत्री राजेश मूणत ने भी सहमति दे दी है।

दिल्लीमें प्रदर्शन

बैठककी शुरुआत में बताया गया कि एफडीआई, ऑनलाइन मार्केटिंग, जीएसटी आदि नीतियों के खिलाफ कैट की ओर से दिल्ली में 18 दिसंबर को आयोजित विरोध-प्रदर्शन में चेंबर पदाधिकारी भी शामिल होंगे। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 16 दिसंबर को युवा चेंबर अध्यक्ष अजय भसीन और कैट प्रभारी वीरेंद्र सिंह वालिया के नेतृत्व में 50 सदस्यों का दल दिल्ली रवाना होगा।

कारोबारियों ने पॉलीथिन बैग्स पर प्रतिबंध समेत कई मुद्दों पर चेंबर के वरिष्ठ लोगों से सवाल भी पूछे। उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला या आंदोलन कारोबारियों के हित के लिए होना चाहिए। बैठक में रमेश मोदी, श्रीचंद सुंदरानी, अमर धावना, योगेश अग्रवाल, विनय बजाज, अरविंद जैन आदि उपस्थित थे।

चुनाव लड़ने वाले अब भी नाराज

चेंबरका चुनाव लड़ने वाले निर्वाचित पदाधिकारी अब भी चेंबर अध्यक्ष पारवानी और संरक्षक सुंदरानी से नाराज हैं। नियुक्तियों को लेकर उनका विवाद खत्म नहीं हुआ है। यही वजह है कि वे चेंबर की ब