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तीसरी, पांचवीं के बच्चों की हिंदी-अंग्रेजी कैसी, जांच होगी

7 वर्ष पहले
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खुलेगा सच

डीईओ को सभी स्कूलों के औचक निरीक्षण के निर्देश, छात्रों के नॉलेज की लेंगे रिपोर्ट

सरकारीस्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की हिंदी अंग्रेजी कैसी है, दोनों भाषाएं वे पढ़ पा रहे हैं या नहीं, अब इसकी जांच होगी। तीसरी कक्षा का बच्चा हिंदी पढ़ सकता है या नहीं तथा पांचवीं का छात्र अंग्रेजी पढ़ सकता है या नहीं, इस टेस्ट के आधार पर स्कूल का मूल्यांकन होगा। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) खुद या उनके निर्देश पर एक टीम वास्तविक स्थिति जानने स्कूलों की जांच करेगी।

पिछले दिनों इस संबंंध में स्कूलों को एक निर्देश भी दिए गए थे कि वे हिंदी पढ़ने अंग्रेजी पढ़ने की क्षमता का विकास करने बच्चों की मदद करें। इसके बाद अब कितने बच्चे इस पैमाने पर फिट आते हैं, इसका निरीक्षण करने की तैयारी चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों में औचक निरीक्षण कर यह देखेंगे कि बच्चे हिंदी अंग्रेजी पढ़ पा रहे हैं या नहीं। यदि नहीं पढ़ पा रहे हैं तो शिक्षक ने इनकी क्या मदद की। इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।

प्राचार्योंकी बैठक जल्द

बच्चोंकी पढ़ाई के संबंध में जानकारी लेने के लिए जल्द ही जिला शिक्षा अधिकारी और प्राचार्यों की बैठक होने वाली है। स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों ने बताया कि शिक्षकों के पढ़ाने और बच्चों के पढ़ने के बीच क्या दिक्कत रही है, इस बारे में चर्चा होगी।

रिपोर्ट की भी होगी जांच

अफसरोंने बताया कि बच्चों के हिंदी अंग्रेजी पढ़ने के संबंध में कुछ समय पर स्कूलों से जानकारी मांगी गई थी। इस रिपोर्ट में भी यह बात थी कि कुछ बच्चों को हिंदी अंग्रेजी पढ़ने में दिक्कत होती है। स्कूलों में औचक निरीक्षण के बाद स्कूलों से मिली रिपोर्ट का भी मूल्यांकन होगा। इसमें यह स्थिति साफ हो जाएगी कि कितने फीसदी बच्चों को वास्तव में हिंदी अंग्रेजी पढ़ने में दिक्कत है।

बच्चों से सीधे मिलेंगे

शिक्षाकी गुणवत्ता को लेकर शासन की ओर से कई तरह की कवायद की जा रही है। इसके बाद भी स्थिति नहीं बदल रही है। अंग्रेजी तो दूर बच्चों को सही ढंग से हिंदी की किताब पढ़ने में भी दिक्कत हो रही है। स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों को यह जानकारी कई स्तर पर मिल चुकी है जबकि पाठ्यक्रम को लेकर भी लगातार काम किया जा रहा है। बच्चे क्यों नहीं पढ़ पाते, क्या दिक्कत है। इन्हीं का इससे मूल्यांकन होगा