चेहरे के भाव और डांस से कही पौराणिक कथा
भरतनाट्यममें पुष्पांजलि, अलरिप्पू, जाथिस्वरम, शब्दम, वर्णम, कीर्तनम, थिल्लाना और कुराथी शैली की प्रस्तुति देकर 13 वर्ष की प्रियांशी पांडे ने खुद को हर विधा में पारंगत साबित किया। रविवार को कालीबाड़ी चौक स्थित रविंद्र मंच में आयोजित अरंगेत्रम में प्रियांशी ने महाभारत और शिवजी से संबंधित पौराणिक कहानियों को नृत्य के जरिए खूबसूरती से पेश किया। पांच साल की उम्र से भरतनाट्यम सीख रहीं प्रियांशी ने स्टेज का बेहतरीन इस्तेमाल किया। ताल के साथ उनके फेशियल एक्सप्रेशन और मुद्राओं का मेल अद्भुत रहा। जी. रतीश बाबू, आई. श्वेता प्रसाद ने गायन और आईवी रेणु प्रसाद, के साई कुमार, उमा वेंकेटेश, आर सुधाकर और वी सिद्धार्थ ने वाद्य यंत्रों पर संगत दी। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डाॅ. वसुंधरा दोरास्वामी रहीं। आठवीं में पढ़ने वाली प्रियांशी, अतुल और नीति पांडे की पुत्री हैं। वो इससे पहले देश के कई बड़े मंच पर प्रस्तुति दे चुकी हैं।