पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • कॉलेज में 6 माह से सैलरी नहीं, शिक्षक भी मोर्चे पर

कॉलेज में 6 माह से सैलरी नहीं, शिक्षक भी मोर्चे पर

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
देवेंद्र नगर कॉलेज के सरकारीकरण के फैसले ने वहां के प्रोफेसरों को परेशान कर दिया है। इस फैसले के बाद सिंधी समाज से विवाद के चलते उच्च शिक्षा विभाग ने वहां के प्रोफेसरों, अधिकारियों और कर्मचारियों की तनख्वाह रोक दी है। प्रोफेसरों को छह महीने से वेतन नहीं मिल रहा है। इस मामले को लेकर अब वे भी मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की तैयारी कर रहे हैं।

देवेंद्र नगर प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष डॉ. बीडी थदलानी और सचिव डॉ. प्रकाश ठाकुर ने बताया कि सिंध सेवा मंडल ने 25 सालों में एक भी ऐसा काम नहीं किया, जिससे कॉलेज चल सके। मंडल के लोग कॉलेज की जिम्मेदारियों से भागते रहे हैं। प्राध्यापकों की कोशिश तथा पूर्व मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की मदद के बाद कॉलेज को सरकारी मदद मिली, जिससे कॉलेज आज तक संचालित हो रहा है। कॉलेज को छात्राओं की फीस से हर साल केवल दस लाख रुपए मिलते हैं। कॉलेज के सालभर का खर्चा ही 6 करोड़ 50 लाख रुपए है। ऐसे में बिना सरकारी मदद के कॉलेज नहीं चलाया जा सकता है। प्रोफेसरों ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि कॉलेज का संचालन पहले सिंध सेवा मंडल करती थी, मंडल ने कॉलेज चलाने से मना कर दिया और जब सरकारी मदद मिलनी शुरू हुई तो चुपचाप तरीके से मंडल को सिंध सेवा समिति में बदलकर कॉलेज की जमीन की लीज बढ़ा दी गई।

देवेंद्र नगर कॉलेज के सरकारीकरण के फैसले को लेकर हो रहे विवाद से मुख्यमंत्री नाराज हैं। यही वजह है कि उन्होंने सिंधी समाज के लोगों से मुलाकात के दौरान दो टूक कहा कि राज्य सरकार प्रदेशभर में छह सौ से ज्यादा कॉलेज चला रही है। ऐसे में एक कॉलेज नहीं चलाएगी तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उनकी इस बात से अंदाजा लगाया जा रहा है को एक हफ्ते के भीतर कॉलेज को सरकारीकरण करने का फैसला वापस लिया जा सकता है।

संपत्ति विवाद से सीएम नाराज