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फैक्ट्री के पानी से बंजर खेतों की जांच रिपोर्ट कलेक्टर को नहीं मिली, कार्रवाई अटकी

7 वर्ष पहले
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डीबीस्टार ने 20 नवंबर को खेत बंजर, फसलें खाक आैर 25 नवंबर को नहीं थम रहा जहरीला पानी, मुआवजे की आड़ में मान-मनौव्वल शुरू शीर्षक से खबरें प्रकाशित की थीं। इनमें बताया गया था कि राजधानी के लालपुर इलाके में मैटल फैक्ट्री से निकल रहे कैमिकलयुक्त पानी से आसपास के दर्जनों खेत बंजर होने की कगार पर पहुंच गए हैं।

जहरीले पानी के कारण दो साल से फसलें जल जा रही हैं। लालपुर के किसानों ने फैक्ट्री मालिक आैर सरपंच से इसकी शिकायत की लेकिन िकसी ने ध्यान नहीं दिया। किसानों ने हो रहे नुकसान को देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में खेतों की मिट्‌टी की जांच करवाई। रिपोर्ट में पता चला फैक्ट्री के जहरीले पानी के कारण मिट्‌टी में नाइट्रोजन आैर विद्युत चालकता की मात्रा कई गुना ज्यादा है। विशेषज्ञों का कहना था कि वहां जो कैमिकल मिले हैं, उससे बच्चों में ब्लू बेबी सिंड्रोम बीमारी होती है, इससे बच्चे की मौत हो सकती है। खबर प्रकाशित होने के बाद फैक्ट्री संचालक ने किसानों को एक-एक कर बुलाया और मुआवजा देने की बात कहने लगे। उधर रायपुर कलेक्टर ठाकुर राम सिंह ने प्रकरण की जांच शुरू करवाई। अब उनका कहना है कि अभी रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट के आधार पर मुआवजे और फैक्ट्री संचालक पर कार्रवाई की जाएगी।

^ मुआवजा दिया जाएगा

लालपुरमें फैक्ट्री से निकलने वाले कैमिकलयुक्त पानी को लेकर जांच के लिए लिख चुका हूं। अभी इसकी रिपोर्ट नहीं मिली है। इसके आधार पर फैक्ट्री संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। ठाकुरराम सिंह, कलेक्टर,रायपुर

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