रायपुर।. राजधानीमें गुरुवार को छापा मारकर ई-सिगरेट जब्त करनेवाला फूड एंड ड्रग कंट्रोलर तय नहीं कर पा रहा है कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जाए? जब्त ई-सिगरेट जांच के लिए खाद्य एवं औषधि विभाग की प्रयोगशाला में भेजी गई है। जांच रिपोर्ट से ही तय होगा कि यह नुकसानदेह है या नहीं। लेकिन रिपोर्ट में अगर इसमें निकोटिन आदि नहीं मिला तो कार्रवाई पर ही सवाल खड़े हो सकतेहैं।
सिगरेट की जांच के लिए खाद्य विभाग के सुरक्षा अधिकारी डॉ. अश्विनी देवांगन और डॉ. अजय कन्नौजे को जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन इस सिगरेट के लिए मानक तय नहीं होने के कारण यह जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई है। सिगरेट की शिकायत करने वालों का दावा है कि शहर कई पान ठेलों, बार और पब में इसकी बिक्री बेखौफ की जा रही है। विभाग इसपर कार्रवाई के लिए जरूरी तैयारी और नियमों की पड़ताल ही नहीं कर पाया है, इसलिए इसकी बिक्री खुलेआम हो रही है। सिगरेट को जब्त करनेवाले एडीएम संजय अग्रवाल का कहना है कि इसकी बिक्री रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि विभाग के अफसरों को जिम्मेदारी दी गई है।
सिगरेट की जांच प्रयोगशाला में कराई जा रही है। इसकी लैब रिपोर्ट आने के बाद इसे बेचने वाले दुकानदार पर कार्रवाई तय की जाएगी। एक दुकान पर छापा मारने के बाद फिलहाल दोनों विभागों के अफसर शांत हैं। आगे की कार्रवाई भी ठप है। इसके सुरक्षा मानक तय नहीं हैं, इसलिए विभाग भी खामोश है।