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आम लोगों के करीब पहुंचेगा गजट, अब ऑनलाइन देख सकेंगे
छत्तीसगढ़भी अब ई-गजट पेश करने वाले राज्यों में शामिल होगा। अभी इसमें केंद्र सरकार सहित देश के छह राज्य ही शामिल हैं। ऐसे में राज्य सरकार ने भी इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी तेज कर दी है।
राज्य सरकार की मानें तो इससे गजट यानी राजपत्र की छपाई और उसमें होने वाली लेटलतीफी के झंझट से मुक्ति मिलेगी। साथ ही वह आम जनता के लिए भी सर्वसुलभ होगा। मौजूदा व्यवस्था में यह अभी सिर्फ सरकारी कार्यालयों की ही शोभा बढ़ाते हैं। राज्य सरकार इस बीच इस व्यवस्था को लागू करने से पहले उन सारे कानूनी पहलुओं का भी अध्ययन करने में जुटी है, जो इसकी राह में अभी रोड़ा बन रहे हैं। साथ ही उन सारे राज्यों से भी जानकारी जुटाई जा रही है जहां यह व्यवस्था लागू है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो ई-गजट को लागू करने से पहले राज्य सरकार को गजट नोटिफिकेशन के पुराने प्रावधानों में बदलाव भी करना पड़ेगा। मौजूदा व्यवस्था के तहत गजट नोटिफिकेशन प्रिंटिंग के जरिए किया जाता है। साथ ही इसे प्रिंटिंग की तारीख से ही प्रभावी माना जाता है।
गजट कब से है प्रचलन में
गजटशब्द का प्रचलन वैसे तो सबसे पहले 1665 में ब्रिटिश में किया गया था जो वहां राजशाही द्वारा जारी होने वाले फरमानों की प्रिटिंग के दौरान इस्तेमाल किया जाता था। बाद में अंग्रेजों ने इस व्यवस्था को भारत में भी लाया। आजादी के बाद भारत सरकार ने भी गजट की इस व्यवस्था को अपनाया। साथ ही राज्यों को भी यह स्वायत्तता दी गई कि वे भी अपने गजट प्रकाशित कर सकते हैं। अभी गजट गुजरात, हिमाचल प्रदेश,आंध्रप्रदेश, कर्नाटक,असम और मध्य प्रदेश में लागू है।
केंद्र सरकार के भी कई विभागों ने ई-गजट की व्यवस्था पर काम शुरू कर दिया है।
यह होगा फायदा
{यहआमलोगों की पहुंच में होगा। अभी गजट सिर्फ सरकारी कार्यालयों तक ही सीमित रहते हैं।
{प्रिटिंग के झंझट से मुक्ति मिलेगी। अभी प्रिंटिंग के चलते नोटिफिकेशन में देरी होती है। इसके चलते काम-काज भी प्रभावित होते हैं।
{समय और पैसे दोनों की बचत होगी। अभी प्रिटिंग, ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन आदि पर काफी पैसा भी खर्च होता है।