पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • मिलर्स को फायदा, टैक्स का नुकसान

मिलर्स को फायदा, टैक्स का नुकसान

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पूर्वभाजपा नेता वीरेंद्र पांडेय माइनोरिटी आरटीआई एक्टीविस्ट गौरीशंकर जैन ने आरोप लगाया है कि केंद्र राज्य सरकारों की गलत नीति अफसरों की मिलीभगत से राइस मिलर्स को तो करोड़ों रुपए का फायदा पहुंच रहा है जबकि राइस मिलरों द्वारा मिलिंग के बाद बचे कनकी, कोढ़ा भूसी बेचने से होने वाली आय छिपाकर सरकार को करोड़ों के सेल्स टैक्स इनकम टैक्स का चूना लगाया जा रहा है।

केंद्र धान खरीदी का समर्थन मूल्य तो तय करती है लेकिन किसानों से धान खरीदकर जब मिलिंग के लिए राइस मिलरों को देती है तो चावल निकलने के बाद बचे कनकी, भूसे कोढ़े का हिसाब नहीं लेती। इसे बेचकर मिलर पूरा फायदा उठाता है क्योंकि एक क्विंटल धान पर 67-68 किलो चावल सरकार को वापस किया जाता है। बाकी 23 किलो भूसी, दो किलो कनकी (टूटा चावल) और 7 किलो राइस ब्रान (कोढ़ा) निकलता है। भूसी 2 से 3 रुपए किलो, कनकी 13-14 रुपए किलो और राइस ब्रान 16 से 20 रुपए किलो बिकता है। मिलर को 40 रुपए अलग से मिलिंग का भी मिलता है। 1991 से यह खेल चल रहा है। देश में करीब एक हजार 30 लाख टन धान का उत्पादन होता है। हर साल इसके कनकी, कोढ़े भूसे से होने वाले नुकसान का आंकलन किया जा सकता है। सीबीआई के सीए का ही आंकलन है कि इससे 200 करोड़ का नुकसान हो रहा है।





पिछले चार पांच साल से इसका ध्यान केंद्र सरकार, खाद्य मंत्रालय, सीबीआई, गृह मंत्रालय, सीएजी, आरबीआई, इनकम टैक्स के ध्यान में लाया गया लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया। राज्य सरकारों को भी इससे अवगत कराया गया लेकिन नीति में संशोधन नहीं किया गया। इसके साथ ही धान के साथ मिलरों को दिए जा रहे बोरों में भी बड़ा खेल हो रहा है। करीब 21 रुपए का बोरा खरीदने वाली सरकारें मिलरों को वही बोरा मात्र एक रुपए में दे देती है। इससे भी सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। बचे बोरों का तो आक्शन होता रेट तय किए जाते हैं।

मिलरों को फायदा पहुंचने से ही छत्तीसगढ़ में 125 राइस मिलों की संख्या बढ़कर 2400 तक पहुंच गई है। मिलर फायदे में हैं तो किसान आत्महत्या को मजबूर हैं। यदि छत्तीसगढ़ में मार्कफेड अपनी 29 बीमार राइस मिलों को सहकारी के आधार पर चलाने 300 करोड़ रुपए का लोन सरकार से ले तो किसानों को हर साल 300 रुपए नगद तुरंत बोनस दिया जा सकता है।