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- एक एजेंसी ने कहा 24 कंपनियों की दवा घटिया, दूसरी ने दी खरीद बिक्री की छूट
एक एजेंसी ने कहा-24 कंपनियों की दवा घटिया, दूसरी ने दी खरीद-बिक्री की छूट
विशेषज्ञोंने अमानक घोषित किए गए 24 कंपनियों का मुआयना कर रिपोर्ट बनाई थी। हम दवा बैन नहीं कर सकते, केवल सरकारी खरीदी रोक सकते हैं। कार्रवाई करने का अधिकार खाद्य एवं औषधि विभाग को है। हम उन्हें रिपोर्ट सौंप देंगे।\\\'\\\' प्रतापसिंह, एमडी,सीजीएमएससी
रोक नहीं लगा सकते
सीजीएमएससीकारपोरेशन के रूप में खुद दवा खरीदता है। खुले बाजार पर इनके द्वारा बताए गए अमानक दवाइयों पर हम रोक नहीं लगा सकते। हां, अगर इनकी दवाई के बारे में कोई शिकायत हो, तो सैंपल लेकर उसकी जांच कराई जा सकती है।\\\'\\\' डा.आलोक शुक्ला, प्रमुखसचिव, स्वास्थ्य विभाग
बिक्री नहीं रोक सकते: स्वास्थ्य विभाग
रेडक्राॅस और बाजार में खुलेआम बिक रहीं ये दवाइयां
विनयवर्मा | रायपुर
नसबंदीऔर जहरीली दवा से 20 लोगों की जान जाने के बाद भी सरकारी अमला लापरवाह बना दिखाई दे रहा है। जिन 24 कंपनियों की दवा को सरकार की एक एजेंसी छत्तीसगढ़ स्टेट मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) ने स्तरहीन करार दिया, वही दवाएं रेडक्रॉस जैसी दूसरी संस्था में खुलेआम बिक रही है। बाजार में भी यह उपलब्ध है। ये दवाइयां गुड्स मैन्यूफेक्चरिंग एंड प्रैक्टिस सर्टिफिकेट (जीएमपी)के आधार पर खरीदी जाती है, जो राज्य का ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग जारी करता है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वह इनकी बिक्री नहीं रोक सकता। शेष|पेज7
सीजीएमएससीने दवा खरीदी से पहले टेंडर में शामिल कंपनियों का जून से सितंबर तक मुआयना किया। 12 टीमों के साथ ड्रग डिपार्टमेंट के इंस्पेक्टर भी गए थे। ये कंपनियां अनुकूल हालात में दवाइयां नहीं बना रही थीं। इस आधार पर अब इन कंपनियों का टेंडर नहीं लिया जाएगा। सवाल ये है कि सीजीएमएससी एक सरकारी संस्था है। रेडक्रास भी सरकारी संस्था है लेकिन जिन दवाइयों की कंपनी को अमानक बताकर उनकी खरीदी से सीजीएमएससी इनकार कर रही है, रेडक्रास में वो दवाइयां धड़ल्ले से खरीदी जा रही हैं। अगर एक एजेंसी के अनुसार ये कंपनियां अमानक है तो रेडक्रास फिर ये दवाइयों क्यों खरीद रहा है। रेडक्रास के अधिकारी कहते हैं कि वे खरीदी के लिए जीएमपी (गुड्स मेन्युफैक्चरिंग एंड प्रैक्टिस) को आधार बनाते हैं। जिन कंपनियों की दवाएं वे खरीदते हैं, उनके पास जीएमपी का सर्टिफिकेट होता है। गौरतलब है कि बाजार में भी इन कंपनियों की दवाएं बिक रही हैं।
महावर