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पीडब्लूडी भर्ती में फर्जीवाड़ा, कम नंबर पाने वाले हुए सलेक्ट
परीक्षा किसी ने ली, हस्ताक्षर किसी के
कौशलपरीक्षा महिला आईटीआई रायपुर ने ली। दिलचस्प यह कि उत्तरपुस्तिका में पीडब्लूडी के किसी भी अधिकारी, आईटीआई केंद्राध्यक्ष या पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर नहीं हैं। केवल विभाग के परिक्षेत्रीय अधीक्षक के हस्ताक्षर सील उत्तरपुस्तिका में हैं। इसमें तारीख का भी उल्लेख नहीं है। अफसरों को कौशल परीक्षा की साफ्ट कापी की सिर्फ एक सीडी बनाई जानी थी, लेकिन इसमें भी नियमों का पालन नहीं किया गया। महिला आईटीआई ने हर अभ्यर्थी की अलग-अलग सीडी बनाई।
ऐसे उड़ाई नियमों की धज्जियां
जॉन राजेश पॉल | रायपुर
राज्यमें लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी ) में डाटा इंट्री आपरेटरों, शीघ्रलेखक (स्टेनोग्राफर) और बाबुओं की भर्ती में फर्जीवाड़ा हुआ है। अफसरों ने भर्ती नियमों का पालन नहीं किया। अपात्रों और गैर-मान्यता प्राप्त संस्थाओं के उम्मीदवारों के सर्टिफिकेट को मान्यता देकर चयन कर लिया और ज्यादा अंक पाने वालों को बाहर कर दिया। प्रमाणपत्रों के बगैर वैरीफिकेशन और इंटरव्यू के बिना ही उम्मीदवारों की नियुक्तियां कर दी। रायपुर के 36 पदों में मामला फूटने के बाद प्रदेश में नियुक्तियां रोक दी गई हैं। प्रदेश में 103 पदों पर नियुक्ति होनी थी। ईएनसी दफ्तर से इन पदों के लिए दो जुलाई 2013 को अखबारों में विज्ञापन देकर और आनलाइन आवेदन 31 जुलाई तक मंगवाए गए थे। शेष|पेज7
ईएनसीने 19 जुलाई को फिर से संशोधन शुद्धिपत्र जारी किया गया। इसमें विभाग में काम करने वाले डाटा इंट्री आपरेटरों को प्राथमिकता देने का उल्लेख था। लेकिन भर्ती के दौरान विभाग से बाहर के अभ्यर्थियों को डाटा इंट्री आपरेटर के पद पर अनुभव का लाभ दिया गया। 28 जनवरी को दावे आपत्ति मंगाए गए। 1 मई इनका निराकरण कर चयनित लोगों की सूची जारी कर दी गई। डाटा इंट्री आपरेटरों की कौशल परीक्षा के लिए 13 जून को आनलाइन सूची जारी की गई। इसके लिए 36 पदों के लिए पहली पाली में सुबह 48 दूसरी पाली में शाम को 170 उम्मीदवारों को बुलाया गया। नियमानुसार 36 पदों पर 1: 5 के आधार पर वर्गवार मेरिट की सूची जारी की जानी थी, लेकिन एक ही सूची जारी की गई जिसमें 36 पदों के लिए वर्गवार 180 उम्मीदवारों को बुलाने की बजाए 218 उम्मीदवारों को बुला लिया गया। इसमें वर्गवार मेरिट का ध्यान भी नहीं रखा गया। पूरे मामले में ईएनसी, परिक्षेत्र अधीक्षक नरेंद्र कु