पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • सीएम को किसान संसद में चर्चा की चुनौती

सीएम को किसान संसद में चर्चा की चुनौती

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रायपुर|10 क्विंटलधान खरीदी के फैसले के विरोध में आंदोलन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने चर्चा के लिए बुलाया, पर किसान नेताओं ने उनसे मिलने से यह कहकर इनकार कर दिया कि सीएम पहले अपना फैसला बदलें। या फिर उन्हें अपनी बात रखनी ही है तो 17 नवंबर को होने वाले किसान संसद में आएं। संयुक्त किसान मोर्चा ने राजधानी में किसान संसद का आयोजन किया है। किसानों ने इसमें सभी राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों को चर्चा के लिए खुली चुनौती दी है। मुख्यमंत्री ने बातचीत के लिए मोर्चा के प्रतिनिधियों को अपने निवास पर गुरुवार को रात नौ बजे आमंत्रित किया था। इसके लिए आरंग विधायक नवीन मार्कंडेय मध्यस्थता कर रहे थे। उन्होंने किसान नेताओं को बुलावा भी भेजा, लेकिन किसान नेता सीएम से मिलने नहीं गए।

संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक द्वारिका साहू ने कहा कि सरकार को अपना पक्ष रखना है तो वे किसान संसद में शामिल हो सकते हैं। अगर सरकार के तर्क से किसान संसद संतुष्ट हो गया तो किसान अपना आंदोलन वापस ले लेंगे। इधर फरफौद में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई। इसमें 30 गांवों के सरपंच और पूर्व सरपंच शामिल हुए। इसमें किसान संसद में एक लाख लोगों को लाने का लक्ष्य रखा गया। किसान मोर्चा ने इसके लिए रायपुर कलेक्टर से बूढ़ातालाब स्थित स्टेडियम, गॉस मेमोरियल मैदान या फिर सप्रे स्कूल मैदान की मांग की है। लेकिन उन्हें तीनों स्थान देने में असमर्थता जताई गई है।

संसद की तरह दिखाई जाएगी कार्यवाही

17 नंवबर को होने वाले किसान संसद में पूरी कार्यवाही संसद की तर्ज पर करने की तैयारी है। इसमें अध्यक्ष के साथ पक्ष-विपक्ष और अन्य वक्ता भी मौजूद रहेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान संसद में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से अपेक्षा की है कि वे नहीं सकते तो अपने प्रतिनिधि को भेज सकते हैं। उधर नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के साथ विधायक और सांसदों को खुली चर्चा के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसमें किसानों का दाना-दाना धान 2400 रुपए समर्थन मूल्य पर करने, 300 रुपए बोनस की मांग और फसल बीमा में धोखाधड़ी बिजली की दर में 76 प्रतिशत की वृद्धि के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।

किसान मोर्चा में पड़ी फूट

संयुक्त किसान मोर्चा के इस आयोजन से प्रगतिशील किसान संगठन ने खुद को अलग कर लिया है। यह संगठन भी संयुक्त किसान