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पांच गांवों की 292 एकड़ भूमि कमल विहार के नाम

7 वर्ष पहले
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रायपुर | सरकारके ड्रीम प्रोजेक्ट कमल विहार के लिए पांच गांवों की 292 एकड़ सरकारी जमीन आखिरकार चार साल बाद रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के नाम कर दी गई है। शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने योजना में रही जमीन आरडीए के नाम पर ट्रांसफर की। जमीन ट्रांसफर नहीं होने के कारण कमल विहार का काम लगभग रुक गया था। बारिश भी खत्म हो गई, इसलिए प्लाटिंग तथा डेवलपमेंट के दूसरे काम अब तेज हो जाएंगे और लोगों को डेवलप प्लाट हस्तांतरित किए जाने लगेंगे। आरडीए के सीईओ अमित कटारिया ने बताया कि राजस्व विभाग ने हाल में कमल विहार के पांच गांव की सरकारी जमीन को आरडीए के नाम ट्रांसफर किया है। इसमें टिकरापारा की 7.249 हेक्टेयर, बोरियाखुर्द की 67.367 हेक्टेयर, डूमरतराई की 6.980 हेक्टेयर, देवपुरी की 6.871 हेक्टेयर तथा डूंडा की 29.742 हेक्टेयर जमीन को ट्रांसफर कर दिया है। इसमें तालाब, रास्ता, घास, श्मशान, खलिहान, नहर और नाले की जमीन है। जमीन का हस्तांतरण लोगों के निस्तार के अधिकार को बनाए रखने के लिए किया गया है।





ये सारी जमीन कमल विहार की टाउन एंड डेवलपमेंट स्कीम नंबर 4 में शामिल कर ली गई है। अब सरकारी जमीन शामिल होने के बाद योजना के क्रियान्वयन की सारी बाधाएं खत्म हो गई हैं।

अब तेज होगा काम

सीईओ अमित कटारिया ने बताया कि बरसात खत्म हो गई है। अब बचे हुए सारे काम की रफ्तार तेज कर दी जाएगी। इंजीनियरों से कहा गया है कि सड़क से लेकर अंडरग्राउंड सिस्टम डालनेवाले कंपनी से काम तेजी से कराया जाए। जिन सेक्टरों में काम धीमा है, वहां ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए।