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सीएम ने पटवारी को किया निलंबित

7 वर्ष पहले
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रायपुर|मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के जनदर्शन में दो ऐसे गंभीर प्रकरण भी आए जिनमें मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को टेलीफोन पर इन मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पहला प्रकरण कवर्धा जिले का है, जहां पटवारी ने दमगढ़ गांव में कुछ आदिवासियों को फर्जी ऋण पुस्तिका बांट दी। मुख्यमंत्री ने उसके तत्काल निलंबन के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर से कहा कि इस मामले की पूरी जांच कराई जाए।



पंडरिया तहसील के दमगढ़ निवासी छह ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को आवेदन देकर बताया कि पटवारी और उसके एक सहयोगी ने कृषि भूमि का पट्टा (ऋण पुस्तिका) दिलाने के लिए 2012-13 में उनसे लगभग 79 हजार रुपए वसूल कर लिए और उन्हें फर्जी ऋण पुस्तिकाएं दे दी हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि संबंधित पटवारी द्वारा इस प्रकार लगभग तीन सौ फर्जी ऋण पुस्तिकाएं बांटी गई हैं।



इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल कलेक्टर को फोन लगाया और पटवारी के निलंबन के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने एक अन्य प्रकरण में भिलाई नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 52 में भिलाई इस्पात संयंत्र की कॉलोनी सेक्टर नौ में रहने वाले संयंत्र के पूर्व कर्मचारियों के आश्रित परिवारों और गरीबी रेखा श्रेणी के परिवारों के व्यवस्थापन के लिए कलेक्टर दुर्ग को फोन लगाया। डॉ. सिंह ने उनसे कहा कि वे भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन से इस बारे में तत्काल चर्चा कर लगभग चार हजार 800 आश्रितों की व्यवस्थापन संबंधी समस्या का निराकरण करें। इन परिवारों की ओर से भिलाई नगर निगम पार्षद र|म और भिलाई इस्पात संयंत्र के पूर्व कर्मचारियों के आश्रितों ने जनदर्शन में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर बताया कि उनके माता-पिता, दादा-दादी और नाना-नानी ने वर्षों तक संयंत्र की सेवा की है। सेवा काल में उन्हें वर्ष 1962-63 में 39 ब्लाकों में कुल 702 मकान आवंटित किए गए थे। संयंत्र प्रबंधन ने लीज स्कीम के तहत अपने कई मकानों को बेचा और लाइसेंसिंग प्रक्रिया के तहत कई लोगों को आवंटित भी किया, लेकिन हमारे प्रकरण में प्रबंधन ने मकानों को अनफिट घोषित कर दिया है और कुछ अधिकारी आकर बेदखली की भी चेतावनी देते रहते हैं। आवेदकों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि उन्हें अटल आवास योजना और दीनदयाल आवास योजना में मकान आवंटित करने के बारे में भी विचार किया जाए।