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नानक प्रगटिया, मिटी धुंध जग चानन होया

7 वर्ष पहले
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सतगुरुनानक, प्रगटिया मिटी धुंध जग चानन होया... कुछ इसी तरह की शबद स्वरों से राजधानी गुरुवार को गुरु पर्व पर गूंजती रही। सिख समाज के प्रथम गुरु गुरुनानक देव जी की 546वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। गुरुद्वारों में गुरु के प्रति भक्तों की आस्था सुबह से ही उमड़नी शुरू हो गई थी। गुरुद्वारों में दिनभर लंगर और कीर्तन का दौर चलता रहा।

सभी ने गुरुग्रंथ साहिब के आगे मत्था टेका और एक पंगत पर साथ बैठकर गुरु का प्रसाद ग्रहण किया। साथ ही सभी ने लंगर के सेवा कार्य में भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। शहर का मुख्य आयोजन खालसा स्कूल में संपन्न हुआ। कार्यकम की शुरुआत स्टेशन रोड गुरुद्वारे के हजूरी रागी जत्थे ने मिटी धुंध जग चानन होया के साथ की। इस मौके पर पंजाब से आए प्रिंसिपल बलदेव सिंह ने नानक देव की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके सिद्धातों पर चलने का आह्वान किया। इस मौके पर पहुंचे राज्यपाल बलराम दास टंडन का गुरुद्वारा परिवार ने कृपाण और शॉल भेंटकर सम्मान किया। समाज की ओर से इस मौके पर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, मेयर किरणमयी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर गुरुद्वारा समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह होरा, हरबंस सिंह चावला, प्रीतपाल सिंह होरा ने शहरवासियों को गुरु पर्व की शुभकामनाएं देते हुए सभी का आभार माना।

शहर के सभी गुरुद्वारों में रही पर्व की रौनक

स्टेशन रोड गुरुद्वारा समिति ने जहां खालसा स्कूल में जयंती कार्यक्रम आयोजित किया तो वहीं शहर के अन्य गुरुद्वारे भी गुरु पर्व पर सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रम होते रहे। टाटीबंध और तेलीबांधा गुरुद्वारा में शबद कीर्तन के बीच गुरुग्रंथ साहिब का आशीर्वाद लेने के लिए सुबह से श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई थी। गुरुद्वारों में लंगर और कीर्तन का दौर देर शाम तक चलता रहा।

खालसा स्कूल में जयंती कार्यक्रम के दौरान मौजूद सिख समाज की महिलाएं।