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प्राचार्यों की गलत पदोन्नति सूची पर भड़के शिक्षा मंत्री
लगभगपौने पांच सौ प्राचार्यों की गलत पदोन्नति सूची बनाने वाले अफसरों पर शिक्षा मंत्री केदार कश्यप मंगलवार को जमकर भड़के। उन्होंने शिक्षा सचिव सुब्रत साहू से कहा कि दोषी अफसरों पर कार्रवाई करें।
उन्होंने पूछा कि अगर जिला शिक्षा अधिकारियों ने त्रुटिपूर्ण सूची भेजी थी तो संचालनालय में बैठे अफसर क्या कर रहे थे। उनकी नजरों से भी तो फाइल 4-5 दफे गुजरी होगी। गौरतलब है कि वरिष्ठ व्याख्याताओं को प्रिंसिपल बनाने के इस मामले को लेकर प्रभावित लोग हाईकोर्ट चले गए हैं। इस मामले को लेकर शिक्षा विभाग की काफी किरकिरी हुई। कश्यप मंगलवार को विभाग की समीक्षा कर रहे थे. तब यह मामला उठा। पदोन्नति सूची बनाने में सबसे ज्यादा गड़बड़ी जांजगीर -चांपा जिले में सामने आई। वहां के डीईओ को हटा दिया गया। सूची को बिना-जांचे-परखे पीएससी को भेजने वाले डीपीआई के संचालक एलएस मरावी अन्य अफसर भी बैठक में बैठे थे। मंत्री ने उन्हें भी फटकारा। पीएससी से लिस्ट जारी होने के पहले ही मामला फूट गया। सूची बनाते वक्त आरक्षण रोस्टर का भी पालन नहीं किया गया। कश्यप ने विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों और गणवेश वितरण की स्थिति की भी जानकारी ली।
उन्होंने इनका वितरण जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पाठ्यपुस्तकों तथा गणवेश के वितरण में किसी प्रकार की भी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कश्यप ने जिला शिक्षा अधिकारियों से उनके जिलों में संचालित स्कूलों में शिक्षक व्यवस्था, स्कूल भवनों, गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों के वितरण और पेयजल तथा शौचालय की व्यवस्था की जानकारी ली। राज्य के सभी स्कूलों में बच्चों के लिए पेयजल और शौचालय की व्यवस्था की जाए, विशेष रूप से बालिकाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था अवश्य की जाए। उन्होंने विभिन्न जिलों में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण का कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के लिए निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री ने प्रदेश में शिक्षक विहीन शालाओं की जानकारी ली। उन्होंने इन शालाओं में शिक्षकों की व्यवस्था जल्द करने के निर्देश दिए। कश्यप ने प्रदेश के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं में मध्यान्ह भोजन वितरण कार्यक्रम पर प्रकाशित पुस्तिका ’यात्रा: घर से स्कूल तक मध्यान्ह भोजन से पढ़ाई तक’ का विमोचन भी किया।