उरांव सरना समाज ने किया सामाजिक चिंतन
रायपुर | उरांवसरना आदिवासी विकास परिषद की ओर से राजधानी में सामाजिक चिंतन महासभा का आयोजन किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ समेत झारखंड ओड़िसा और मध्यप्रदेश के सामाजिक बंधु शामिल हुए। इस दौरान उरांव समाज के अनेक बिंदुओं पर मंथन किया गया। साथ ही कुडूख भाषा को सार्वभौमिक रूप से दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का निर्णय लिया गया। परिषद के महासचिव महेंद्र भगत ने बताया कि सभा के दौरान समाज के लोगों को चैत्र पूर्णिमा को खद्दी परब और कुंवार पूर्णिमा को करम परब के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।