शेर अली आगा का उर्स पाक 12 से
रायपुर | हजरतसैय्यद शेर अली आगा(बंजारी चौक वाले बाबा)का उर्स पाक 12 फरवरी से शुरू हो रहा है। पांच दिन चलने वाले उर्सपाक का समापन 16 को कुल की फातेहा के साथ होगा। उर्स पाक में शामिल होने के लिए देश के कई राज्यों से मुस्लिम धर्मगुरु राजधानी पहुंचेंगे।
दरगाह के सज्जादानशीन मोहम्मद शमीम रिजवी अशरफी ने बताया कि पहले दिन 12 फरवरी को उनके मकान बांसटाल से शाही संदल निकाल जाएगा जो शहर का गश्त करते हुए वापस दरगाह शरीफ पहुंचेंगी। चादर पेश करने के बाद सैय्यद अरशद मियां अशरफी परचम कुसाई की रस्म अदा की जाएगी। चादर पेश करने के बाद रात में सईद फरीद निजामी शमा महफिल पेश करेंगे। 13 फरवरी को ऑल इंडिया नातिया मुशायरा होगा, जिसमें जैनुल आबेदीन (कोलकाता), काविश रुदौल्वी , नसीम सहर (गया), जावेद वारसी (कोलकाता), हबीबउल्लाह फैजी (कोलकाता), जाहिद रजा (रामपुर), असलम इलाहाबादी, शादाब आजमी, शाह खालिद (जौनपुरी), जफर अकील (हजारीबाग) शामिल होंगे।
14 फरवरी को सैय्यद अशरफ मियां अशरफी किछौछा और हजरत तौसिफ रजा की तकरीर होगी। 15 फरवरी को रात 10 बजे सैय्यद मेहमूद अशरफ मियां और हजरत सैय्यद काजिम पाशा की तकरीर होगी। 16 को सुबह 7:35 को कुल की फातिहा होगी। इसी रोज रात 8 बजे सैफ-सुहैल सूफियाना कव्वाली पेश करेंगे। ये सभी कार्यक्रम दरगाह परिसर में आयोजित किए जाएंगे। उर्स के दिन हर रोज सुबह और शाम आम लंगर का भी इंतजाम किया जाएगा। आतिशबाजी और बैंड लाने की अपील उर्स पाक कमेटी के पदाधिकारियों ने लोगों से अपील की है।
मजार शरीफ में चादर पेश करने के दौरान सादगी और अदब का परिचय दे। इसलिए किसी भी तरह की आतिशबाजी, बैंड बाजा या डीजे का उपयोग करें। आस्ताने के चारों ओर ट्रैफिक सिस्टम को व्यवस्थित रखने और अकीदतमंदों की सहूलियत को देखते हुए शहरभर से आने वाली सभी चादरों को समारोह के लिए बनाए गए शाही गेट के पास रोक दिया जाएगा। वहां से अकीदतमंद चादर को अपने सिर पर रखकर अदब के साथ मजार शरीफ में दाखिल होंगे। अजमेर शरीफ में इसी तरह का सिस्टम है।