रायपुर. शहर में डेंगू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक 55 से ज्यादा लोग डेंगू के शिकार हो चुके हैं। संदिग्ध मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। रूक-रूककर हो रही बारिश से खतरा और बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का अमला अब जागा और खून की जांच के लिए सैंपल लेने के अलावा एक-एक घर में दस्तक देकर कूलर और पानी की पुरानी टंकी खाली कराई जा रही है। लोगों को समझाइश दी जा रही है कि ज्यादा दिनों तक पानी जमा रखें। डेंगू के एडिस मच्छर इसी में पैदा होते हैं।
सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू के संदिग्ध लगभग रोज रहे हैं। ब्लड सैंपल लेकर उनकी स्लाइड बनाई जा रही है। पिछले साल की तुलना में इस साल डेंगू के मरीजों की संख्या ज्यादा हो चुकी है। 2013 में 40 मरीज पूरे साल में मिले थे। अभी सितंबर और अक्टूबर का पूरा महीना बाकी है। ऐसे ही हालत होने पर मरीजों की संख्या बढ़ने का अंदेशा है। इसी स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट अस्पतालों की मदद भी लेनी शुरू कर दी है। वहां कलेक्ट होने वाले सैंपलों की जांच विभागीय स्तर पर करवाई जा रही है।
42 हजार मकानों की जांच, 7 हजार कूलर का पानी फेंका : शहरमें हालात को काबू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मलेरिया हेल्थ वर्करों को फील्ड में उतार दिया है। 42 हजार मकानों में दस्तक देकर यह देखा जा चुका है कि उनके मकानों में कहीं कई दिनों से पानी जमा तो नहीं है। 7 हजार से ज्यादा मकानों के कूलरों में कई दिनों से भरा पानी मिला। इसके अलावा साढ़े छह हजार पानी टंकियां ऐसी मिली जिनमें पानी भरा था, लेकिन उसका उपयोग नहीं किया जाता। टंकियों को भी खाली करवाया गया।
सुबह से निकलती है टीम : मंगलवारको मलेरिया हेल्थ वर्करों की टीम ने टिकरापारा, गुढ़ियारी, तेलीबांधा और ब्राम्हणपारा के इलाकों का सर्वे किया। घरों की जांच करने के अलावा संदिग्धों के ब्लड सैंपल लिए। इसके लिए 70 मलेरिया हेल्थ वर्करों की टीम को चार सेक्टर में बांटा गया है।