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गलती आपरेटरों की, भुगतना पड़ा लोगों को

7 वर्ष पहले
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पंडरीबस स्टैंड में मंगलवार को आरटीओ के उड़नदस्ते ने अचानक गाड़ियों की जांच की। बसों के फिटनेस और परिमट की जांच करने के अलावा यह देखा गया कि कौन कौन सी बसों की छत पर सामान लादा गया है। ऐसी गाड़ियों को रोककर यात्रियों को उतारा गया और बसें जब्त कर ली गईं। एक-दो दिन से सीटें बुक करवाने वाले यात्री परेशान हो गए। वे बसों के साथ काफी देर तक वहीं खड़े रहे। बाद में यात्रियों की मिन्नतों को देखते हुए गाड़ियों का चालान कर छोड़ा गया।

यात्रियों ने परिवहन विभाग के अफसरों से कहा कि उन्हें नियमों के बारे में जानकारी नहीं थी। बस की छत पर सामान रखने की जिम्मेदारी भी बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने निभाई है। इसमें हमारी कोई गलती नहीं है। यात्रियों ने कहा कि अब उनके सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं है। उन्हें दूसरी बसें नहीं मिलेंगी। उनकी स्थिति को देखते हुए उड़नदस्ता प्रभारी आनंद शर्मा ने एडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर एचके राठौर और परिवहन उपायुक्त डी रविशंकर से चर्चा की। उसके बाद बसों का चालान कर उन्हें छोड़ दिया गया। अफसरों ने बताया कि अब दोबारा यही गाड़ियों की छत पर सामान मिलने पर परमिट निरस्त कर दिया जाएगा। बसों की छतों पर सामान रखना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। पंडरी बस स्टैंड में परिवहन विभाग का अमला अचानक जांच के लिए पहुंचा। छतों में सामान मिलने के अलावा कुछ गाड़ियों में रेट लिस्ट भी गायब मिली और बसों में ड्राइवर-कंडक्टर के मोबाइल नंबर आदि भी नहीं लिखे थे। उन्हें इसमें सुधार करने की समझाइश दी गई।



कार्रवाई के कारण करीब एक घंटे तक 10 बसों के यात्री परेशान हुए। बसों को जब्त करने के बाद पंडरी बस स्टैंड के पीछे मैदान में खड़ा कर दिया गया था। यात्री भी वहीं चले गए थे।

आरटीओ अमले की कार्रवाई के बाद बस स्टैंड में भटकते रहे यात्री।