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ब्रांच मैनेजर बनाने के नाम पर लाखों की ठगी
टिकरापारामें बेरोजगारों को सुनहरा अवसर, उज्जवल भविष्य की बात कहते हुए बड़े पदों पर नौकरी दिलवाने का झांसा देकर लाखों की ठगी कर ली गई।
मैनेजमेंट कंपनी के नाम से ठग शहर में पिछले दस माह से ठगी की दुकान चला रहे थे। पैसे देने वाले युवकों को शंका हो गई। उन्होंने पुलिस से रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने भागने से पहले कंपनी की संचालक महिला सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी फरार बताया जा रहा है।
टिकरापारा थाने के एसआई राजेन्द्र कंवर ने बताया कि पलारी के रहने वाले अरुण कुमार देवांगन (29) ने सोमवार की रात ठगी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पेशे से इलेक्ट्रिशियन अरुण ने बताया कि लगभग दो माह पहले जुलाई में उसने मोती नगर में संचालित हो रहे जीनियस मैनेजमेंट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी का विज्ञापन देखा था। उसमें बेरोजगारों को बड़े पद पर नौकरी दिलवाने की बात कही गई थी। उनके ब्रोशर में सुनहरा अवसर, उज्जवल भविष्य बनाने के नाम पर कंपनी के ब्रांच मैनेजर बनाने की बात कही गई। इस झांसे में आकर अरुण अपने कुछ साथियों के साथ नौकरी के लिए कंपनी के महाप्रबंधक बताने वाले धरमराज कन्नौजे, योगेश धनकर और चित्रा धन्नेट से मुलाकात की।
उन्होंने अरुण को झांसा दिया कि रजिस्ट्रेशन करने के बाद दो-तीन माह की ट्रेनिंग दी जाएगी, इसके बाद उन्हें अलग-अलग जिले का ब्रांच मैनेजर नियुक्त किया जाएगा। इस झांसे में आकर सात जुलाई को उसने कंपनी के ऑफिस में ही रजिस्ट्रेशन और ट्रेनिंग के नाम पर 2200 रुपए दिया। 700 रुपए रजिस्ट्रेशन फीस और 1500 रुपए ट्रेनिंग के दौरान हॉस्टल में रहने का लिया गया।
ट्रेनिंग के नाम पर प्रोडक्ट बेचवाने लगे
कंपनी की तरफ से ट्रेनिंग के दौरान कहा गया कि उनके पास विश्वस्तरीय ब्रांड के प्रोडक्ट हैं। जिनके प्रचार-प्रसार के लिए शहर में घूमना होगा। इसके बाद अरुण सहित अन्य युवकों को प्रोडक्ट देकर शहर में घूम-घूमकर बेचने का कहा जाता था। दो महीने के बाद काम करने और अच्छा सेल करने के बाद पाइंट देने की बात कही गई। जिसका अधिक पाइंट होगा, उसे ब्रांच मैनेजर बना दिया जाएगा। अरुण से ब्रांच मैनेजर बनाने के नाम पर 62,250 रुपए ले लिए गए। इसके बाद तो उसे ब्रांच मैनेजर बनाया गया ही पैसा वापस किया गया। पड़ताल में यह भी सामने आया कि कंपनी द्वारा पिछले 10 माह के दौरान 50 से ज्यादा लोगो