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थर्ड जेंडर में आत्मविश्वास जगाएगा समाज कल्याण

7 वर्ष पहले
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राज्यसरकार ने आखिरकार थर्ड जेंडर को अपनी कार्यसूची में शामिल कर लिया है। साथ ही समाज कल्याण विभाग को इससे जुड़े कामों को देखने की जिम्मेदारी भी सौंप दी है। यह थर्ड जेंडर से जुड़ी योजनाओं में नोडल एजेंसी की तरह काम करेगा। कैबिनेट ने मंगलवार को इसके अलावा नि:शक्त जनों के लिए पद आरक्षित करने की भी स्वीकृति दे दी है। फिलहाल इसकी जिम्मेदारी सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपी गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सभी विभागों में नि:शक्तजनों के लिए पद आरक्षित किए जाने हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में थर्ड जेंडर सहित नौ प्रस्तावों को प्रमुखता से रखा गया। थर्ड जेंडर को कार्यसूची में शामिल करने का प्रस्ताव जीएडी ने रखा था जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। थर्ड जेंडर को लेकर राज्य सरकार ने यह तेजी सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के बाद दिखाई है जिसके तहत 12 अक्टूबर तक राज्य सरकारों को सुप्रीम कोर्ट को बताना है कि वह थर्ड जेंडर के कल्याण के क्या कर रही हैं।

राज्योत्सवमें मोदी को बुलाएंगे

प्रदेशमें एक से तीन नवंबर तक आयोजित होने वाले राज्योत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुलाने की फैसला लिया गया है। मंगलवार को राज्य कैबिनेट में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। साथ ही फैसला लिया गया है, इस संबंध में मुख्यमंत्री जल्द ही मोदी से बात करें और उन्हें कैबिनेट की ओर से औपचारिक रूप से आमंत्रित करें। प्रदेश में इस बार तीन दिन का राज्योत्सव मनाने का निर्णय सरकार ने किया है जो एक से तीन नवंबर तक आयोजित होगा। इसके लिए तैयारियां तेज करने के भी निर्देश दिए गए हैं।



इस संबंध में मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा कि सरकार चाहती है कि राज्योत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आएं। इसके लिए उन्हें जल्द ही औपचारिक आमंत्रण हम देंगे।

कैबिनेट के अन्य फैसले

{विकासखंड और तहसील पुनर्गठन आयोग को नए विकासखंड और तहसीलों के गठन को स्वीकृति देने से पहले नए सिरे से अभिमत लेने को कहा गया है। प्रदेश में 1249 नई ग्राम पंचायतों और करीब नौ जिलों में जिला पंचायतों की स्थापना के बाद आयोग के कामकाज की नए सिरे से समीक्षा करने की मांग उठ रही थी।

{औद्योगिक संस्थानों को जल आवंटन के लिए नई विभागीय नीति बनाने को भी मंज