क्या हुआ
ड्रोन से पीछा कर दबोचा लुटेरों को
राजधानी में हवाई निगरानी से आपकी सुरक्षा के लिए पहली बार मॉक ड्रिल Live...
क्यों हुआ
ऑलपेट्रोलिंग...डीडीनगर में लूट हो गई...बाइक वाले रिंग रोड की ओर भागे हैं...पुलिस कंट्रोल रूम से शहर के वायरलेस सैट गूंजे और थाने अलर्ट हो गए। डीडीनगर मोबाइल का सेट पर प्वाइंट चला - डीडीनगर पेट्रोलिंग ड्रोन-1...रिंग रोड पर भेजें। ड्रोन कंट्रोलर ने रायपुरा में गश्त कर रहे ड्रोन का रुख रिंग रोड की ओर मोड़ा। पेट्रोलिंग ड्रोन-1 से भेजे जा रहे वीडियो पर पुलिस की नजरें थम गईं। लुटेरों का जो हुलिया बताया गया, बाइक पर वैसे ही दो लोग भागते दिखे तो ड्रोन पीछे लग गया। करीब 20 मिनट की जद्दोजहद के बाद बाइक सवार सुंदरनगर मोड़ पर दबोचे गए। पता चला लुटेरे वही थे।
यह है उस मॉक ड्रिल के अंश, जो आउटर में ड्रोन से निगरानी के नतीजों का विश्लेषण करने के लिए पुलिस ने की। डीडीनगर इलाका इसलिए चुना क्योंकि छह महीने में लूट तथा हिट एंड रन जैसी दर्जनभर वारदातें इसी इलाके में हुईं। गोल चौक पर सुबह 9.30 पैदल जा रही महिला से बाइक सवार दो युवक पर्स छीनकर भागे और मॉक ड्रिल शुरू हो गई। रायपुर पुलिस को एक कंपनी ने ड्रोन से पेट्रोलिंग का प्रस्ताव दिया था। इसी के डिमांस्ट्रेशन के लिए लूट की वारदात प्लान की गई और मॉक ड्रिल कराई गई। वारदात के बाद करीब चार किमी तक भागे लुटेरों की ड्रोन ने पुलिस के गश्ती दलों को इतनी परफेक्ट लोकेशन और तस्वीरें दीं कि कुछ मिनट में अपराधी दबोच लिए गए। राजधानी में ड्रोन के साथ पहली बार हुई इस मॉक ड्रिल को दैनिक भास्कर ने लाइव कवर किया। एएसपी ट्रैफिक बलराम हिरवानी के मुताबिक भागते लुटेरों का पीछा करने के लिए ड्रोन के इस्तेमाल का प्रस्ताव रायपुर की ही एयरोबोट सप्लायर कंपनी ने दिया था।
रातमें भी गश्त संभव
डिफेंसमें पीएचडी तथा एयरोमॉडल इंस्ट्रक्टर डा. अरुणा राणा ने बताया कि जिस ड्रोन का मॉक ड्रिल में इस्तेमाल हुआ, उसे नाइट विजन कैमरे लगाकर रात में गश्त करने लायक भी बना सकते हैं। बैटरी बैकअप बढ़ाने से छह घंटे लगातार उड़ सकता है। जीपीएस लगाकर स्मार्ट फोन से कनेक्ट किया जा सकता है, ताकि लाइव तस्वीरें देखी जा सके या मौके के लिए तुरंत रवाना किया जा सके।
कई मौकों पर इस्तेमाल
प्रस्तावदेने वाली कंपनी एयरोबोट के डायरेक्टर जयदीप सिंहा के अनुसार
{बीएसएफ, सीआरपीएफ बस्तर में कर रही उपयोग।
{ओबामा के दिल्ली प्रवास पर निगरानी में थे ड्रोन।
{उत्तराखंड में जीवित लोगों को ढूंढने में एनडीआरएफ ने किया था इस्तेमाल।
{सभी महानगरों में वीआईपी सभा-रैलियों और कानून और व्यवस्था बनाने के लिए उपयोग।
इसलिए जरूरत राजधानी में
रायपुरमें डीडीनगर इलाके में दो साल में लूट और चेन खींचने की 24 बड़ी-छोटी वारदातें हुईं लेकिन लुटेरे नहीं पकड़े गए। एएसपी ट्रैफिक बलराम हिरवानी के अनुसार शहर में हर तीसरे दिन हिट एंड रन के ऐसे मामले रहे हैं, जिनमें गाड़ी का पता नहीं चलता। इसलिए आरोपी भी नहीं पकड़े जाते।
दिल्लीमें रात में भी निगरानी
दिल्लीपुलिस के पास दिन में निगरानी के लिए ड्रोन हैं। निर्भया कांड के बाद रात में भी आउटर इलाकों की निगरानी के लिए दिल्ली पुलिस ने हाल में एक प्रोजेक्ट मंजूर किया है। नाइट विजन कैमरे वाले यह ड्रोन दिल्ली के आउटर वाले इलाकों में अगले महीने से तैनात किए जाने वाले हैं।
तीन किमी तक नजर
फोटो के साथ वीडियो भी
क्वाडकॉप्टरडेढ़ किलो वजन लेकर उड़ सकता है। इस ड्रोन में स्टिल और वीडियो, दोनों कैमरे हैं। स्टिल कैमरा पांच सेकंड में एक फोटो पर सेट किया गया। दोनों कैमरों से 500 फीट ऊपर से ली गई फोटो में भी जूम से बाइक का नंबर नजर गया। एक जगह स्थिर रखकर इसके कैमरे 360 डिग्री पर घुमाए जा सकते है।
इस्तेमाल क्वाडकाप्टर को जीपीएस सिस्टम से टेक-ऑफ, गश्त और लैंडिंग तक सेट कर सकते हैं। ऑटो पायलट मोड में यह तय स्थानों पर गश्त कर सही जगह लैंड कर जाता है। इसके अलावा, इसे कंट्रोल रूम से भी नियंत्रित किया जा सकता है।
हजार फीट ऊंचाई तक
एयरोबोटकंपनी के जयदीप सिन्हा ने बताया कि इस ड्रिल में इस्तेमाल ड्रोन दरअसल क्वाडकॉप्टर है। यह ऑटो पायलट मोड में एक हजार फीट ऊंचाई तक (100 मंजिली इमारत जितना) बैटरी के हिसाब से 20 मिनट से छह घंटे तक उड़ सकता है। कुछ मिनट तक इसे एक जगह स्थिर रख सकते है।
^ड्रोन से शहर की निगरानी का प्रस्ताव मिला है। आउटर में लूट और हिट एंड रन जैसे मामलों पर काबू पाने के लिए ड्रोन कितना मददगार हो सकता है, इसकी रविवार को मॉक ड्रिल कराई है। मौजूद अफसर इस ड्रिल की नतीजों की रिपोर्ट बनाएंगे। उनके विश्लेषण के बाद यह उपयोगी पाया गया तो प्रस्ताव शासन को भेजेंगे। जीपीसिंह, आईजी रायपुर
तीन महीने के भीतर आउटर में लूटपाट की कई वारदातें हुईं। लुटेरों ने रिंगरोड और उससे जुड़ी सड़कों का इस्तेमाल किया। इसीलिए वहीं मॉक ड्रिल की।
रोहिणीपुरम गोल चौक से ड्रोन से मॉक ड्रिल की गई। बाइक सवार फर्जी लुटेरे ड्रोन की मदद से चार किमी पीछा करने के बाद पकड़े गए।
एेसे मंडराता रहा ड्रोन
ड्रोन की जद में संदिग्ध लुटेरे
रिंग रोड पर पहुंचा ड्रोन
सुंदरनगर चौक पर दबोचा
हुलिए से हो गई पहचान
पुलिस टीम में : एएसपीबलराम हिरवानी के साथ मनीष वाजपेयी, राजेश ठाकुर समेत दर्जनभर पुलिसकर्मी।, भास्करटीम में : संदीपराजवाड़े, प्रमोद साहू, बिक्रम सिंह तथा फोटो जर्नलिस्ट शारदादत्त त्रिपाठी और टीम।