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महंगा होगा गाड़ियों का बीमा

6 वर्ष पहले
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कमजोर वैश्विक रुख से सोना स्टैंडर्ड 400 रु. टूटा

कमजोरवैश्विक रुख के बीच मौजूदा स्तर पर आभूषण निर्माताओं एवं खुदरा विक्रेताओं की मांग घटने के कारण बीते सप्ताह स्थानीय सराफा बाजार में लगातार दूसरे सप्ताह सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।

सोना स्टैंडर्ड 400 रुपए सस्ता होकर सप्ताहांत में 27,950 रुपए प्रति 10 ग्राम(स्टैंडर्ड) पर बंद हुआ। इसी प्रकार मामूली गिरावट के बाद शनिवार को सोना प्रति तोला-32700, 24 कैरेट सिक्का-28000, 23 कैरेट 26850,हॉलमार्क-25850, 18 कैरेट 21400, आैर गिन्नी ( 8 ग्राम) 20900 के स्तर पर गई। इसके विपरित पिछले सप्ताह चांदी के भाव में हल्की तेजी आैर स्थिरता का माहौल बना रहा। चांदी यहा 100 रुपए तेजी के साथ 38200 रुपए प्रति किलो(कच्ची) के स्तर पर बंद हुई। इसी तरह चांदी पक्की 38,400 के भाव बिकी। कारोबारियों के अनुसार नए कारोबारी सप्ताह में भी सोने-चांदी के भाव में ज्यादा करेक्शन की उम्मीद नहीं है। सोना 28,000 आैर 28,500 के बीच कारोबार कर सकता है।

स्कूटर, ऑटो रिक्शा को मिलनी चाहिए राहत

बजाजऑलियांज जनरल इंश्योरेंस के चीफ टेक्निकल ऑफिसर विजय कुमार कहते हैं कि मोटर साइकिल, स्कूटर और ऑटो रिक्शा की श्रेणी को थर्ड पार्टी प्रीमियम बढ़ोतरी में राहत मिलनी चाहिए, क्योंकि उनके क्लेम का अनुपात कम होता है।

पिछलेसाल हुई थी 9-20 फीसदी की बढ़ोतरी

वाहनोंका थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस रेगुलेटेड सेगमेंट में आता है, जिसके प्रीमियम में सालाना बढ़ोतरी होती है। देश में सड़क पर चलने वाली सभी मोटर वाहनों के लिए थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस अनिवार्य है। दूसरी तरफ, ओन डैमेज कवर वैकल्पिक है जिसका निर्धारण बीमा कंपनियां अपने हिसाब से करती हैं। पिछले वर्ष थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम में विभिन्न श्रेणियों के हिसाब से 9-20 फीसदी की बढ़ोतरी बीमा नियामक ने की थी।

प्रीमियम बढ़ोतरी की वजह

थर्डपार्टी मोटर इंश्योरेंस के तहत मोटर एक्सीडेंट्स क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) यह निर्णय देता है कि जान-माल को पहुंची क्षति की भरपाई के लिए बीमा कंपनी को कितने पैसों का भुगतान करना है। एमएसीटी द्वारा क्षतिपूर्ति के लिए सुझाई गई राशि में हाल के वर्षों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे साधारण बीमा कंपनियों पर लगातार दबाव बना हुआ है। विजय कुमार कहते हैं कि कॉमर्शियल व्हीकल का क्लेम रेशियो 175-200 प्रतिशत है। प्राइवेट व्हीकल्स के मामले में 120-135 प्रतिशत है। हम चाहते हैं कि कॉमर्शियल व्हीकल्स के थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के प्रीमियम में 100-150 फीसदी बढ़ोतरी होनी चाहिए, ताकि क्लेम सेटलमेंट के अनुपात में सुधार हो। कृषि से जुड़े वाहनों को थर्ड पार्टी प्रीमियम में कुछ छूट भी मिलती है इससे उद्योग को परेशानी नहीं होगी क्योंकि उनका क्लेम रेशियो कम है।

एजेंसी | नई दिल्ली

बाइक,स्कूटर, कार और कॉमर्शियल व्हीकल के मालिकों पर मोटर बीमा प्रीमियम का बोझ अप्रैल से बढ़ने वाला है। सरकारी और निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियां थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस के बढ़ते क्लेम की वजह से भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) को यह सुझाव देने जा रही हैं।

प्रीमियम60-75% बढ़ाने की मांग

यूनाइटेडइंश्योरेंस के शीर्ष अधिकारी की मानें तो मोटर इंश्योरेंस सेगमेंट में कॉमर्शियल व्हीकल हमेशा से चिंता का विषय रहा है, जिसे देखते हुए थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम में कम से कम 60-75 फीसदी बढ़ोतरी की मांग की जा रही है। अधिकारी का कहना था कि पिछले साल थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस में बढ़ोतरी क्लेम की भरपाई को देखते हुए पर्याप्त नहीं थी।