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- स्वाइन फ्लू से दो तीन दिन रहें ज्यादा एलर्ट बारिश और ठंड में तेजी से फैलेगा वायरस
स्वाइन फ्लू से दो-तीन दिन रहें ज्यादा एलर्ट बारिश और ठंड में तेजी से फैलेगा वायरस
रायपुरमें गुरुवार को बारिश हुई और स्वाइन फ्लू के नौ संदिग्ध मरीज अलग-अलग अस्पतालों में पहुंच गए। राजधानी में 30 जनवरी को स्वाइन फ्लू का पहला मरीज मिला था। उसके बाद से अब तक संदिग्ध मरीजों के 78 सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजे गए। पिछले 14 दिन में कोई भी दिन ऐसा नहीं था, जब स्वाइन फ्लू के शक में 5 से ज्यादा मरीजों के सैंपल लिए गए। लेकिन गुरुवार को मौसम बदलते ही संदिग्ध मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई, जिनके स्वाब सैंपल लिए गए। एक्सपर्ट डाक्टरों तथा विशेषज्ञ माइक्रो बायोलॉजिस्ट ने कहा कि तापमान गिरते ही एच1एन1 वायरस दो-तीन गुना ज्यादा फैल सकते हैं। स्वाइन फ्लू के मरीज से दूसरे लोगों में वायरस पहुंचने की आदर्श परिस्थितियां इस वक्त राजधानी में हैं क्योंकि तापमान 24 डिग्री से भी कम है तथा हवा में 65 फीसदी नमी हो गई है। ऐसा मौसम अगले तीन-चार दिन रहने वाला है, इसलिए डाक्टरों ने पूरे शहर को इस दौरान स्वाइन फ्लू के खतरे से एलर्ट किया है। उनका कहना है कि तापमान जैसे ही 30 डिग्री से अधिक होगा, स्वाइन फ्लू वायरस हवा में मरने लगेंगे और बीमारी काबू में जाएगी।
राजधानी में मौसम अचानक बदला है, इसलिए स्वाइन फ्लू की रोकथाम में लगे डाक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ तथा स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। दोपहर का तापमान सामान्य से छह डिग्री कम हो गया है। ठंडी हवा चल रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्वाइन फ्लू ही नहीं, किसी भी वायरस के तेजी से फैलने की अनुकूल परिस्थितियां हैं। एच1एन1 वायरस ऐसे मौसम में ताकतवर होता है तथा तेजी से फैलता है। तापमान 30 डिग्री से अधिक होने पर खुद खुद मरने भी लगता है। अंबेडकर अस्पताल में मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आरएल खरे का कहना है कि मौसम स्वाइन फ्लू वायरस के लिए अनुकूल हो गया है। इसलिए लोगों को अब ज्यादा सावधानी बरतनी ही पड़ेगी।
पीड़ितों या संदिग्ध मरीजों से दूर रहना होगा, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना होगा क्योंकि अगले दो-तीन दिन खतरा ज्यादा है। अंबेडकर अस्पताल में टीबी विशेषज्ञ डॉ. आरके पंडा ने कहा कि इस मौसम में दवा से ज्यादा जरूरी बचाव ही है।
{ऐसे व्यक्ति से जिसमें स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण हों, दूरी बनाकर रखें।
{सांस में तकलीफ, बुखार में डाक्टर से मिलें।
- गर्भवती महिलाओं के लिए मौसम ठीक नहीं, विशेष सावधानी बरतें।
{ऐसे व्यक्ति से जिसमें स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण हों, दूरी बनाकर रखें।
{सांस में तकलीफ, बुखार में डाक्टर से मिलें।
- गर्भवती महिलाओं के लिए मौसम ठीक नहीं, विशेष सावधानी बरतें।
{खांसने-छींकने के लिये टिश्यू पेपर या साफ तौलिया इस्तेमाल करें।
{हाथों को साबुन या हैंड वॉश से कम से कम 20 सेकेंड तक धोएं।
ये बरते सावधानी
मौसम बदलते ही अस्पतालों में पहुंच गए नौ संदिग्ध मरीज
स्वाइनफ्लू का नया मरीज गुरुवार को टाटीबंध में मिला है। वह स्वाइन फ्लू के शक पर टैमी फ्लू दवा लेने के लिए सीएमओ कार्यालय पहुंचा था। डाक्टरों ने उसकी दो बेटियों को भी टेबलेट दी है। शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में गुरुवार को स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ गई। दिनभर में अलग-अलग जगह नौ संदिग्धों का स्वाब का सैंपल लेना पड़ा। इन्हें दिल्ली भेजा गया। अब तक रायपुर और आसपास से 78 सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजे गए हैं। इनमें से 45 की रिपोर्ट आई है। 10 लोगों के स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने की पुष्टि हुई है। दिल्ली से एक निजी लैब से भी जांच रिपोर्ट रही हैं। इसे मिलाकर स्वाइन फ्लू के 15 मरीज हो चुके हैं। दो महिला मरीजों की स्वाइन फ्लू से मौत हुई है, हालांकि सरकार इसकी पुष्टि नहीं कर रही है।
{ठंड का मौसम स्वाइन फ्लू वायरस फैलने के लिए कारगर होता है।
{शरीर में प्रतिरोधी क्षमता कम है तो इन्फ्लुएंजा की आशंका अधिक।
{गंदगी से वायरस आसानी से फैलता है, इसलिए शरीर को साफ रखें।
{अपने घर में तमाम वस्तुओं की ठीक ढंग से साफ-सफाई कीजिए।
{भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें, कोई छींक रहा हो तो दूर रहें।
^नम और ठंडे मौसम में स्वाइन फ्लू समेत सभी फ्लू के वायरस ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। फिर भी, स्वाइन फ्लू से डरें नहीं। टैमी फ्लू कारगर दवा है। इलाज से सभी ठीक हो सकते हैं। डॉ.अरविंद नेरल, एचओडी माइक्रो बायोलॉजी विभाग
^बारिश और तापमान गिरने से स्वाइन फ्लू का खतरा दो से तीन गुना बढ़ गया है। जब तक तापमान फिर 30 डिग्री से ऊपर हो जाए, शहर के लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। डॉ.अब्बास नकवी, सीनियर फिजिशियन
^बारिशऔर ठंड बढ़ने से स्वाइन फ्लू का वायरस एच1एन1 ज्यादा सक्रिय हो जाता है। इस मौसम में लोगों को खासकर गर्भवती महिलाएं, बच्चे बुजुर्गों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। डॉ.एमएल नायक, रिटायर्ड एचओडी बायोसाइंस रविवि
^नम और ठंडे मौसम में स्वाइन फ्लू समेत सभी फ्लू के वायरस ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। फिर भी, स्वाइन फ्लू से डरें नहीं। टैमी फ्लू कारगर दवा है। इलाज से सभी ठीक हो सकते हैं। डॉ.अरविंद नेरल, एचओडी माइक्रो बायोलॉजी विभाग
^बारिश और तापमान गिरने से स्वाइन फ्लू का खतरा दो से तीन गुना बढ़ गया है। जब तक तापमान फिर 30 डिग्री से ऊपर हो जाए, शहर के लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। डॉ.अब्बास नकवी, सीनियर फिजिशियन
^बारिशऔर ठंड बढ़ने से स्वाइन फ्लू का वायरस एच1एन1 ज्यादा सक्रिय हो जाता है। इस मौसम में लोगों को खासकर गर्भवती महिलाएं, बच्चे बुजुर्गों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। डॉ.एमएल नायक, रिटायर्ड एचओडी बायोसाइंस रविवि
^नम और ठंडे मौसम में स्वाइन फ्लू समेत सभी फ्लू के वायरस ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। फिर भी, स्वाइन फ्लू से डरें नहीं। टैमी फ्लू कारगर दवा है। इलाज से सभी ठीक हो सकते हैं। डॉ.अरविंद नेरल, एचओडी माइक्रो बायोलॉजी विभाग
^बारिश और तापमान गिरने से स्वाइन फ्लू का खतरा दो से तीन गुना बढ़ गया है। जब तक तापमान फिर 30 डिग्री से ऊपर हो जाए, शहर के लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। डॉ.अब्बास नकवी, सीनियर फिजिशियन
^बारिशऔर ठंड बढ़ने से स्वाइन फ्लू का वायरस एच1एन1 ज्यादा सक्रिय हो जाता है। इस मौसम में लोगों को खासकर गर्भवती महिलाएं, बच्चे बुजुर्गों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। डॉ.एमएल नायक, रिटायर्ड एचओडी बायोसाइंस रविवि