कयाकिंग टीम ने दिलाया 9वां पदक
छत्तीसगढ़ने केरल में चल रहे 35वें नेशनल गेम्स में गुरुवार को नौवां पदक जीता। कयाकिंग-केनोइंग के सीटू 200 मीटर इवेंट में देवकुमारी साहू और मामा प्रधान ने 1.03 मिनट में दूरी तय करने कांस्य पदक हासिल किया। मप्र ने सोना (53 सेकेंड) और मेजबान केरल (58 सेकेंड) ने रजत जीता। इससे पहले देवकुमारी और मामा की जोड़ी ने 500 मीटर में भी कांस्य जीता था। छग ने अब तक राष्ट्रीय स्पर्धा में दो स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य सहित कुल नौ पदक जीते हैं।
महिलापुरुष टीमें सेमीफाइनल में हारीं
महिलाऔर पुरुष हैंडबॉल टीम को गुरुवार को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। महिला वर्ग में हरियाणा ने छग को 36-21 से मात दी। मैच की शुरुआत से ही हरियाणा ने मैच पर पकड़ बनाए रखी। पहले हाफ में विजेता टीम 16-12 से आगे थी। शुक्रवार को कांस्य पदक के लिए महिला टीम महाराष्ट्र से भिड़ेगी। 34वें नेशनल गेम्स में महिला टीम ने सोना जीता था।
वहीं पुरुष वर्ग के सेमीफाइनल में भी छग हैंडबॉल टीम को हार का सामना करना पड़ा। दिल्ली ने छग को 34-29 से पराजित किया। हाफ टाइम तक दिल्ली की टीम 17-11 से आगे थी। इससे पहले बीच हैंडबॉल में छग को एक स्वर्ण और एक रजत पदक मिला था। शुक्रवार को होने वाले सेमीफाइनल में छग का मुकाबला पंजाब से होगा। 31 जनवरी से शुरू हुए 35वें नेशनल गेम्स के मुकाबले 14 फरवरी को खत्म हो रहे हैं।
नेशनल गेम्स
पदक बढ़े पर उम्मीदों से कम
छगने 35वें नेशनल गेम्स में अब तक कुल 9 पदक जीत लिए हैं। 2011 में झारखंड में हुए 34वें नेशनल गेम्स में छग ने 7 पदक जीते थे। उम्मीद की जा रही थी कि छग कम से कम 12 पदक जीतेगा। गेम्स से पहले कोचिंग कैंप के दम पर छग ने इतने पदक जीते। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के बंद हाेने के कारण खिलाड़ियों को अच्छी प्रतिस्पर्धा भी नहीं मिल पा रही है। ये स्पर्धाएं फिर से शुरू होनी चाहिए।