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दक्षिण बस्तर से तेज होगी नक्सल विरोधी मुहिम
सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर में पहले कार्रवाई करने का होगा निर्णय
भास्करन्यूज | रायपुर/नईदिल्ली
देशको नक्सलियों से मुक्त करने की पहल बस्तर से होगी। नई दिल्ली में सोमवार को केंद्र की बैठक में इसे लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। इसमें निर्णय लिया जाएगा कि बस्तर के सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले से कार्रवाई शुरू की जाए। केंद्रीय गृहमंत्रालय नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक में इस निर्णय पर मुहर लगाएगा। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह डीजीपी समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक में मौजूद रहेंगे।
नक्सलियों के बड़े ऑपरेशन बस्तर के सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर में चलाए जा रहे हैं। पुलिस और सीआरपीएफ की बड़ी कैजुअल्टी भी यहीं पर हो रही है। इस बात को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने इस क्षेत्र में अब तीन मोर्चे पर काम करने का फैसला किया है। इसमें कानून व्यवस्था के तहत पुलिस और सशस्त्र बलों की बड़ी कार्रवाइयां होंगी। इसके लिए बस्तर में सीआरपीएफ की और बटालियन भेजी जाएंगी।
विकास की रफ्तार तेज करने के लिए अलग से फंड देकर वहां पर प्रशासन की पहुंच आसान करने का प्रयास होगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए 4 हजार से अधिक किमी सड़क बनाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन नक्सली हिंसा के चलते यह संभव नहीं हो सका। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ अब इस बारे में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी बात करेंगे। इसके अलावा इन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मोबाइल नेटवर्क और दूसरे संचार माध्यमों का जाल बिछाया जाएगा। शेष|पेज10
केंद्रीयसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद से बात कर इसमें रही अड़चनों को दूर किया जाएगा।
1 दिसंबर को कासलपाड़ में 14 जवानों की शहादत के बाद जब केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह रायपुर आए थे। तब इस नए प्लान की भूमिका तैयार हुई थी। उसके बाद केंद्र ने पहली बार तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बुलाया है। इसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के अलावा तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को विशेष तौर पर बुलाया गया है।