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हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद तोड़फोड़, दो अफसर तलब
रायपुर | तेलीबांधातालाब के किनारे हाई कोर्ट के स्टे के बावजूद होटल ब्रिस्टल इन को जमींदोज करने के लिए तोड़फोड़ करना प्रशासनिक अमले को भारी पड़ गया है। अब राजस्व सचिव और अतिरिक्त सचिव को 22 दिसंबर को हाजिर होकर कोर्ट के सामने बताना होगा कि स्टे के बावजूद वहां तोड़फोड़ कैसे की गई।
बुधवार को जिला प्रशासन और निगम की टीम होटल और आस-पास बने तीन अन्य निजी भवनों कांप्लेक्स को जमींदोज करने पहुंच गया था। तोड़फोड़ के दौरान ही स्टे का पता चला और अमले को लौटना पड़ा। इस कार्रवाई के विरोध में श्यामनगर तेलीबांधा निवासी गुरविंदर सिंह चड्डा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई। कारोबारी के वकील ने कोर्ट को याचिका के माध्यम से बताया कि स्टे के बावजूद निगम के अमले ने तोड़फोड़ की है।
कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए राजस्व सचिव और अतिरिक्त सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा। तेलीबांधा निवासी होटल कारोबारी गुरविंदर को तेलीबांधा तालाब के किनारे की जमीन 30 सालों की लीज पर दी गई है। कुछ माह पहले राजस्व विभाग ने लीज कैंसिल करने के लिए नोटिस जारी किया था। उसके खिलाफ गुरविंदर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।
उसी की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अक्टूबर में अगली सुनवाई तक किसी तरह की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। प्रशासन ने 5 दिसंबर 2014 को लीज कैंसिल कर दी गई। उसके बाद बुधवार को जिला, पुलिस और निगम की टीम होटल में तोड़-फोड़ करने पहुंच गई थी।
उस कार्रवाई के बाद गुरुविंदर चड्डा के वकील ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका लगाई। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय के. अग्रवाल की बेंच ने राजस्व सचिव के आर पिस्दा और अतिरिक्त सचिव के सी वर्मा को 22 दिसंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए।