नागपुर में बनेगी छग की रणनीति
नगरीयनिकाय चुनाव भले ही छत्तीसगढ़ में हो रहे हैं लेकिन इसकी रणनीति भाजपा शुक्रवार को नागपुर में बनाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, मंत्रियों संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ मिलकर शहरी सत्ता पर कब्जा करने का ब्लू प्रिंट तैयार करेंगे।
रमन सरकार के शुक्रवार को नागपुर में होने की इसके अलावा एक वजह और है। स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल के बेटे आदित्य की मंगनी भी है। अग्रवाल ने इस मौके पर पूरे मंत्रिमंडल और संगठन के नेताओं को न्योता दिया है। शाह को भी बुलाया गया है।
इस तरह शाह लगे हाथ नगरीय निकाय चुनाव का एक बड़ा काम निपटाना चाहते हैं। संघ के मुख्यालय डॉ. हेडगेवार भवन में संघ प्रमुख मोहन भागवत पहले दशहरा उत्सव पर अपना भाषण देंगे। इसके बाद ही चुनाव को लेकर बातचीत के मुद्दे शुरू किए जाएंगे। शाह पहले हरियाणा, महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में प्रदेश के मंत्रियों की ड्यूटी के बारे में चर्चा करेंगे। बैठक में ही छग के नगरीय निकाय चुनाव संचालन, कमेटियों अन्य जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा होगी। अमर अग्रवाल को पहले ही चुनाव संचालक बनाया जा चुका है। चुनावी खर्च को लेकर मुख्य रूप से चर्चा होने की संभावना है। फंडिंग किस तरह होगी। चुनाव में कौन सी सीटें सबसे महंगी होंगी, महापौर, नगरपालिका और पार्षद चुनाव के लिए संभावित खर्च को लेकर भी सुझाव मांगे जाने की संभावना है। बूथवार तैयारी, घर-घर की जानकारी, निकाय सम्मेलन, प्रत्याशियों के चयन के लिए सर्वे बैठकें आदि मुद्दों पर भी बात होगी। पार्टी की कमान संभालने के बाद वे संभवत: पहली बार प्रदेश के मंत्रियों नेताओं की एक साथ बैठक लेंगे। वे जीत का मंत्र नेताओं के कान में फूंकेंगे। मुख्यमंत्री दिल्ली से शुक्रवार को शाम 5 बजे नागपुर पहुंचेंगे। नागपुर में रणनीति बनाने के बाद प्रदेश संगठन 30 सितंबर को रायपुर में तय करेगा कि रणनीति पर कैसे अमल किया जाए। डॉ. सिंह रात्रि नौ बजे रायपुर लौट आएंगे।
भाजपा नेता नागपुर में संघ मुख्यालय जाकर संघ नेताओं के सामने हाजिरी बजाने जरूर पहुंचते हैं। इस बार भी ऐसा होना है। इस बात की भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को अलग से आरएसएस के मुख्यालय बुलाया गया है। खबर यह भी है कि दोनों नेताओं का मन मालिन्य धोने अलग से संघ नेताओं और शाह की मौजूदगी में सुल