निगम चुनाव 2014
छह एमआईसी और इतने ही जोन अध्यक्षों के वार्ड प्रभावित
दर्जनभर को बदलना होगा वार्ड
शहरके 70 वार्डों के आरक्षण में निगम की राजनीति में खासा दखल रखने वाले नेताओं की जमीन खिसक गई। निगम के सभापति हों, नेता प्रतिपक्ष हों, एमआईसी मेंबर हो या फिर जोन अध्यक्ष, आरक्षण की वजह से ये अब अपने वार्डों से चुनाव ही नहीं लड़ पाएंगे। कई पार्षद पति जो इस बार माकूल आरक्षण का इंतजार कर रहे थे, उन्हें पांच साल और इंतजार करना होगा। हालांकि कुछ पार्षद ऐसे भी हैं, जिनके वार्ड अनारक्षित हैं और उन्हें चुनाव लड़ने में कोई परेशानी नहीं होगी।
शहीद स्मारक भवन में गुरुवार को जिले के सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के वार्डों के लिए लॉटरी निकाली गई। राजधानी के वार्डों का सबसे पहले आरक्षण होना था, इसलिए सुबह 11 बजे से पहले ही हॉल भर गया। इस दौरान शहर के अधिकतर पार्षद और समर्थक मौजूद थे। जैसे-जैसे लॉटरी खुलती रही, कुछ खेमों में खुशियां बिखरी तो कुछ में उदासी रही। इस दौरान नरेंद्र मोदी और सोनिया गांधी के समर्थन में नारे भी लगते रहे। एकाध बार दोनों गुट आमने-सामने भी हुए लेकिन पुलिस ने सबको बाहर का रास्ता दिखा दिया।
अबचुनाव लड़ेंगे पार्षद पति
एमआईसीमेंबर राधिका नागभूषण राव का वार्ड बंजारी माता मंदिर सामान्य हो गया है। यहां से उनके पति नागभूषण राव मजबूत दावेदार हैं। जोन एक की अध्यक्ष अंजनी राधेश्याम विभार का वीरांगना अवंतिबाई वार्ड एससी हो गया है। यहां से उनके पति राधेश्याम विभार टिकट मांगेंगे। निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले मृत्युंजय दुबे का सुंदरनगर वार्ड और वरिष्ठ पार्षद प्रमोद दुबे का शहीद चूड़ामिण वार्ड भी सामान्य हो गया है, अत: दोनों इन्हीं वार्डों से लड़ सकते हैं। इसी तरह सूर्यकांत राठौर, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, अनवर हुसैन, सतनाम पनाग और समीर अख्तर के वार्ड सामान्य रहने से उनका रास्ता भी साफ है।
कड़ा मुकाबला संभव
मौलानाअब्दुल रऊफ (बैजनाथपारा), शहीद चूड़ामणि नायक (रामकुंड), ब्राह्मणपारा, सुंदर नगर, तात्यापारा, सदर बाजार, सिविल लाइन, राजीव गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर वार्ड में दावेदारों की संख्या ज्यादा होने की वजह से यहां के चुनाव रोमांचक और संघर्षपूर्ण हो सकते हैं।
बढ़े महापौर के दावेदार
रायपुरनगर निगम 1 सितंबर को सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित घोषित किया गया था। इस पद के लिए नगर